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मणिपुर: जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प

ICN24 Newsroom 17 अग॰ 2026, 02:37 pm
मणिपुर: जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प

मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी अपडेट करने की मांग को लेकर छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच इंफाल में तीखी झड़प हुई।

मणिपुर की राजधानी इंफाल में रविवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब 'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' (JFD) के छात्र विंग के सदस्यों ने जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि राज्य में किसी भी जनगणना या परिसीमन प्रक्रिया से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट किया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें कुछ छात्रों के घायल होने की खबर है। मणिपुर में पिछले कुछ समय से अवैध प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर स्थानीय समुदायों के बीच गहरी चिंता बनी हुई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का तर्क है कि बिना एनआरसी के जनगणना करने से राज्य की वास्तविक जनसांख्यिकी प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर भविष्य में होने वाले विधानसभा सीटों के परिसीमन पर पड़ेगा। जेएफडी के बैनर तले जुटे इन छात्रों ने निदेशालय के गेट पर नारेबाजी की और भीतर प्रवेश करने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोलों और बल प्रयोग का सहारा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मणिपुर में बाहरी लोगों के कथित अवैध प्रवेश ने स्थानीय संसाधनों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर दबाव बढ़ा दिया है। उनकी मुख्य मांग है कि 1961 को आधार वर्ष मानकर एनआरसी को अपडेट किया जाए ताकि मूल निवासियों के हितों की रक्षा हो सके। यह विरोध प्रदर्शन एक ऐसे समय में हो रहा है जब मणिपुर पहले से ही जातीय संघर्षों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जूझ रहा है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी, मणिपुर की इन घटनाओं पर पैनी नजर रख रहे हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले मणिपुरी प्रवासियों के बीच राज्य की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। मणिपुर सरकार और केंद्र सरकार के लिए यह स्थिति एक दोहरी चुनौती पेश करती है। एक ओर जहां प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे जनगणना को पूरा करना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पहचान और जनसांख्यिकीय सुरक्षा से जुड़ी भावनाओं को नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल, इंफाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और निदेशालय के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
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