राजनीति
मणिपुर: कांगपोकपी में 27 दिनों बाद मिले 6 शव, नगा समुदाय के होने की आशंका से तनाव बढ़ा
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 09:30 pm
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को छह शव बरामद हुए हैं। आशंका है कि ये वे लोग हैं जिन्हें 13 मई को उग्रवादियों ने बंधक बनाया था।
मणिपुर के अशांत कांगपोकपी जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बुधवार को सुरक्षा बलों ने छह शव बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह आशंका जताई जा रही है कि ये शव उन्हीं छह व्यक्तियों के हैं, जिन्हें लगभग 27 दिन पहले, यानी 13 मई को उग्रवादियों द्वारा बंधक बना लिया गया था। इस घटना के बाद से पूरे राज्य में एक बार फिर तनाव का माहौल है, विशेषकर नगा समुदाय के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, शवों की बरामदगी के बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम और औपचारिक पहचान के लिए इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) अस्पताल भेज दिया गया है। जैसे ही शवों के मिलने की खबर फैली, लापता लोगों के परिजन और विभिन्न नगा नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जब तक वैज्ञानिक पहचान और कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आधिकारिक तौर पर इनकी शिनाख्त की पुष्टि नहीं की जा सकती।
यह मामला 13 मई का है जब कांगपोकपी जिले के लेलोन वैफेई इलाके से इन लोगों को अगवा किए जाने की खबर आई थी। तब से ही सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन इनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग रहा था। अब शवों की बरामदगी ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मणिपुर के जातीय संघर्ष में एक नया और संवेदनशील मोड़ ला दिया है। नगा नागरिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मणिपुर में पिछले एक साल से जारी हिंसा ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदायों को भी चिंतित किया है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग और विशेषकर उत्तर-पूर्व भारत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों का मानना है कि ऐसी घटनाएं शांति की कोशिशों को पीछे धकेलती हैं।
राज्य सरकार ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उग्रवादी गुटों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। मणिपुर की भौगोलिक और जातीय संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आने वाले दिनों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पता चल सकेगा।
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