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महाराजगंज: तहसील समाधान दिवस में 318 शिकायतों में से मात्र 33 का निस्तारण, डीएम ने चार अधिकारियों को थमाया नोटिस

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 09:00 am
महाराजगंज: तहसील समाधान दिवस में 318 शिकायतों में से मात्र 33 का निस्तारण, डीएम ने चार अधिकारियों को थमाया नोटिस

महाराजगंज में तहसील समाधान दिवस के दौरान शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने पर डीएम ने नाराजगी जताई और चार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में जनसुनवाई के प्रति प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। तहसील समाधान दिवस के अवसर पर आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त कुल 318 शिकायतों में से केवल 33 मामलों का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। निस्तारण की इस बेहद धीमी गति और विभागीय लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) ने संबंधित विभागों के चार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने फरेंदा तहसील में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता करते हुए पाया कि अधिकांश विभाग शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। महाराजगंज के स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्व, पुलिस, विकास और समाज कल्याण जैसे प्रमुख विभागों से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें लंबित पड़ी हैं। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन चार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें विकास और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि जो शिकायतें आज निस्तारित नहीं हो सकी हैं, उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में 'समाधान दिवस' सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को तुरंत सुलझाना है। हालांकि, महाराजगंज की इस घटना ने जमीनी स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए, जो अक्सर अपने पैतृक स्थानों पर संपत्ति या पारिवारिक विवादों से जूझते रहते हैं, इस तरह की प्रशासनिक सख्ती एक सकारात्मक संकेत है। महाराजगंज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने मुख्य रूप से भूमि अतिक्रमण, पेंशन संबंधी समस्याओं और नाली-खड़ंजा विवादों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। डीएम ने मौके पर मौजूद सभी तहसीलदारों और उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं फील्ड में जाकर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच करें। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य विभागों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
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