राजनीति
लीबिया के जनरल हफ्तार ने आईएसआईएस की कैद से अमेरिकी बंधक को छुड़ाने में निभाई अहम भूमिका: सूत्र
ICN24 Newsroom 15 अग॰ 2026, 06:37 am

लीबिया के सैन्य कमांडर जनरल खलीफा हफ्तार ने इस्लामिक स्टेट के कब्जे से एक अमेरिकी नागरिक की सुरक्षित रिहाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में नया मोड़ आया है।
लीबिया के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर नियंत्रण रखने वाले शक्तिशाली सैन्य कमांडर जनरल खलीफा हफ्तार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। हालिया रिपोर्टों और सूत्रों के अनुसार, हफ्तार और उनकी लीबियाई नेशनल आर्मी (LNA) ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए एक अमेरिकी नागरिक की रिहाई सुनिश्चित करने में पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब लीबिया में राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र समूहों का प्रभाव अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। जनरल हफ्तार की सेना, जो लंबे समय से लीबिया के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ अभियान चला रही है, ने अपनी खुफिया जानकारी और स्थानीय संपर्कों का उपयोग करके बंधक की सुरक्षित वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। हालांकि आधिकारिक तौर पर अमेरिकी विदेश विभाग या हफ्तार के कार्यालय ने इस विशिष्ट ऑपरेशन के विवरण पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम हफ्तार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि को सुधारने और अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के दृष्टिकोण से यह खबर विशेष महत्व रखती है। लीबिया और उत्तरी अफ्रीका के देशों में हजारों की संख्या में भारतीय पेशेवर, जिनमें डॉक्टर, नर्स और इंजीनियर शामिल हैं, दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया के भी आर्थिक और कूटनीतिक हित इस क्षेत्र की स्थिरता से जुड़े हैं। अतीत में कई बार भारतीय नागरिकों को लीबिया के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में चरमपंथी समूहों द्वारा अगवा किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। जनरल हफ्तार जैसे क्षेत्रीय खिलाड़ियों द्वारा बंधकों की रिहाई में सहयोग करना यह दर्शाता है कि संघर्ष क्षेत्रों में स्थानीय कमांडरों के साथ कूटनीतिक संपर्क रखना विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए कितना आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईएसआईएस के खिलाफ हफ्तार की सफलताएं उन्हें पश्चिमी देशों के लिए एक 'अनिवार्य सहयोगी' के रूप में पेश करती हैं, बावजूद इसके कि उन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। इस ताजा रिहाई ने लीबिया के जटिल सुरक्षा ढांचे में हफ्तार की स्थिति को और मजबूत किया है। यह स्पष्ट है कि जब तक लीबिया में एक स्थिर केंद्र सरकार का अभाव है, तब तक जनरल हफ्तार जैसे शक्तिशाली गुट प्रमुखों की भूमिका अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपरिहार्य बनी रहेगी।
वैश्विक राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद अमेरिका और हफ्तार के बीच सहयोग के नए द्वार खुल सकते हैं। वहीं, सिडनी और मेलबर्न में बसे भारतीय प्रवासी, जिनके परिजन अभी भी मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र में कार्यरत हैं, इस प्रकार की खबरों को राहत के रूप में देखते हैं, क्योंकि यह चरमपंथी समूहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का संकेत देती है।
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