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कर्नाटक: शक्ति योजना के बावजूद यात्रियों पर बोझ, KSRTC वसूल रहा है ₹11 तक अतिरिक्त सेस

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 09:31 pm
कर्नाटक: शक्ति योजना के बावजूद यात्रियों पर बोझ, KSRTC वसूल रहा है ₹11 तक अतिरिक्त सेस

कर्नाटक में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के बावजूद, KSRTC प्रीमियम बसों में यात्रियों से 'सेस' के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा है, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी है।

कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई 'शक्ति' योजना के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा के बावजूद, निगम ने अपनी प्रीमियम और उच्च श्रेणी की बस सेवाओं में यात्रियों से 'उपयोगकर्ता उपकर' (User Cess) वसूलना जारी रखा है। जानकारी के अनुसार, यात्रियों को टिकट की मूल दर के ऊपर 11 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक यात्रियों के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह मामला विशेष रूप से उन प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए भी चिंता का विषय है जो ऑस्ट्रेलिया से अक्सर अपने गृह राज्य कर्नाटक की यात्रा करते हैं और स्थानीय परिवहन पर निर्भर रहते हैं। कलबुर्गी, बेंगलुरु और मैसूर जैसे प्रमुख मार्गों पर चलने वाली राजहंसा, ई-पावर और अन्य प्रीमियम सेवाओं में यह उपकर प्रभावी है। यात्रियों का तर्क है कि जब सरकार सार्वजनिक परिवहन को किफायती बनाने का दावा कर रही है, तो इस तरह के गुप्त शुल्क आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, यह उपकर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित है। दुर्घटना राहत कोष, यात्री कल्याण कोष और बुनियादी ढांचा विकास जैसे शीर्षकों के तहत यह राशि काटी जा रही है। साधारण सेवाओं में जहां यह राशि मामूली है, वहीं लंबी दूरी की वातानुकूलित और लग्जरी बसों में यह 11 रुपये प्रति टिकट तक पहुंच जाती है। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि निगम अपने परिचालन घाटे को कम करने के लिए इन शुल्कों का सहारा ले रहा है, क्योंकि मुफ्त यात्रा योजना के कारण राजस्व पर दबाव बढ़ा है। यात्री संघों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि 'शक्ति' योजना केवल साधारण और एक्सप्रेस बसों तक सीमित है, लेकिन मध्यम वर्ग जो प्रीमियम सेवाओं का उपयोग करता है, उन्हें लगातार बढ़ते शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने टिकट साझा करते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि टिकट की कीमतों में पहले से ही वृद्धि की गई है, ऐसे में उपकर की वसूली अनुचित है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, जो अक्सर अपने परिवार से मिलने भारत जाते हैं, उनके लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। भारत में सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे और इसकी लागत में होने वाले बदलाव सीधे तौर पर उनके यात्रा अनुभव और खर्चों को प्रभावित करते हैं। KSRTC प्रबंधन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है कि क्या निकट भविष्य में इन शुल्कों को वापस लिया जाएगा या नहीं। फिलहाल, यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त भुगतान जारी रखना होगा।
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