राजनीति
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के बाद असंतोष: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने कहा, मुख्यमंत्री जल्द सुलझाएंगे विभागों का विवाद
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 02:30 am

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कैबिनेट में विभागों के आवंटन को लेकर मंत्रियों के बीच पनपे असंतोष को कम करने का प्रयास किया है।
बेंगलुरु: कर्नाटक में नई सरकार के गठन के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर खींचतान शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष के सुरों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पार्टी आलाकमान जल्द ही विभागों के आवंटन से जुड़ी सभी शिकायतों का समाधान कर लेंगे।
कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद कई वरिष्ठ नेताओं और नवनियुक्त मंत्रियों ने उन्हें सौंपे गए विभागों पर सार्वजनिक और निजी तौर पर आपत्ति जताई थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ मंत्री 'मलाईदार' या महत्वपूर्ण माने जाने वाले विभागों की मांग कर रहे हैं, जबकि उन्हें तुलनात्मक रूप से कम प्रभाव वाले मंत्रालय दिए गए हैं। इस स्थिति ने सरकार के सुचारू संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि एक बड़े राज्य में गठबंधन और विभिन्न क्षेत्रीय समीकरणों को साधते समय इस तरह की चुनौतियां आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "पार्टी में हर कोई अपनी क्षमताओं के अनुसार काम करना चाहता है। यदि कुछ मंत्रियों को लगता है कि उन्हें उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभाग नहीं मिला है, तो वे अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेतृत्व इन सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।"
परमेश्वर ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की प्राथमिकता फिलहाल उन चुनावी वादों को पूरा करना है, जिनके दम पर वे सत्ता में आए हैं। उन्होंने मंत्रियों से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के बजाय शासन पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास विभागों में फेरबदल करने का विशेषाधिकार है और वे सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए कर्नाटक की यह राजनीतिक हलचल विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी संख्या कन्नड़ भाषी प्रवासियों की है, जो अपने गृह राज्य में स्थिरता और विकास की उम्मीद करते हैं। कर्नाटक भारत का एक प्रमुख आईटी और स्टार्टअप केंद्र है, और वहां की राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर द्विपक्षीय व्यापार और निवेश पर पड़ सकता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय कन्नड़ संघ इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि राज्य में प्रशासनिक सुस्ती उनके पारिवारिक और व्यावसायिक हितों को प्रभावित कर सकती है।
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