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ओडिशा: पुलिस कांस्टेबल की मौत पर फूटा गुस्सा, प्रदर्शनकारियों ने पूछा - 'अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं?'

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 04:01 pm
ओडिशा: पुलिस कांस्टेबल की मौत पर फूटा गुस्सा, प्रदर्शनकारियों ने पूछा - 'अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं?'

ओडिशा में एक पुलिस कांस्टेबल की संदिग्ध मौत के बाद न्याय की मांग तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

ओडिशा में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और जांच की धीमी गति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले में न्याय की मांग कर रहे लोगों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है। यह मुद्दा अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया और प्रवासी भारतीय समुदायों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भावुक होकर पुलिस से तीखे सवाल पूछ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। महिला ने कहा, "अगर किसी और जगह किसी की हत्या हुई होती, तो पुलिस अब तक संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए दौड़ पड़ती। लेकिन जब हमारे अपने (पुलिस कांस्टेबल) के साथ इतना बड़ा हादसा हुआ है, तो पुलिस चुप क्यों बैठी है? हमें जवाब चाहिए कि अब तक कोई सलाखों के पीछे क्यों नहीं है?" मृतक कांस्टेबल, जिसकी पहचान आशुतोष के रूप में हुई है, के परिवार और समर्थक लगातार इंसाफ के लिए दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यदि यह मामला किसी रसूखदार व्यक्ति या आम नागरिक का होता, तो शायद पुलिस की तत्परता अलग होती। खुद पुलिस विभाग के एक कर्मचारी की मौत पर विभाग की यह 'सुस्ती' लोगों में भारी असंतोष पैदा कर रही है। #JusticeForAshutosh जैसे हैशटैग अब इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग भी अक्सर भारत में कानून व्यवस्था और न्याय में देरी जैसे मुद्दों पर नजर रखते हैं। आईएनसी24 (ICN24) से बातचीत में कुछ प्रवासी भारतीयों ने कहा कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और उनके परिवारों को समय पर न्याय मिलना व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। ओडिशा पुलिस ने हालांकि आश्वासन दिया है कि जांच चल रही है, लेकिन बिना किसी ठोस गिरफ्तारी के यह आश्वासन प्रदर्शनकारियों को शांत करने में विफल रहा है। फिलहाल, स्थानीय अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मामले ने ओडिशा में पुलिस की आंतरिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है।
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