इमिकास्ट
जेडी वेंस का ब्रिटेन में भारतीय मूल के व्यक्ति द्वारा किए गए हमले पर विवादित बयान, प्रवासियों की तुलना 'आक्रमण' से की
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 05:00 pm

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने ब्रिटेन में भारतीय मूल के व्यक्ति द्वारा एक किशोर की हत्या को 'प्रवासियों का बड़े पैमाने पर आक्रमण' करार दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद शुरू हो गया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और रिपब्लिकन सीनेटर जेडी वेंस एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक व्यक्ति द्वारा एक किशोर की चाकू मारकर की गई हत्या के मामले पर टिप्पणी करते हुए वेंस ने इसे प्रवासियों का 'बड़े पैमाने पर आक्रमण' (Mass Invasion) करार दिया है। उनके इस बयान ने न केवल ब्रिटेन में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया और आक्रोश को जन्म दिया है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब ब्रिटेन के टिक्सल इलाके में एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक भारतीय मूल के संदिग्ध पर एक किशोर की हत्या का आरोप लगा। हालांकि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' का सहारा लेते हुए इस घटना को पश्चिमी देशों में हो रहे प्रवासन और खराब सीमा नियंत्रण नीतियों से जोड़ दिया। वेंस ने तर्क दिया कि ऐसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि अवैध या अनियंत्रित प्रवासन समाज की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।
ब्रिटिश सरकार और कई मानवाधिकार संगठनों ने वेंस के इस बयान की कड़ी निंदा की है। ब्रिटेन के सरकारी प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपराधिक घटना का राजनीतिकरण करना और उसे एक विशेष समुदाय या प्रवासन नीति से जोड़ना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने वेंस के 'आक्रमण' शब्द के उपयोग को खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे समाज में विभाजन और नफरत फैल सकती है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह मुद्दा काफी संवेदनशील है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासियों, विशेषकर भारतीय मूल के लोगों ने चिंता जताई है कि पश्चिमी देशों के बड़े राजनेताओं द्वारा इस तरह की बयानबाजी से विदेशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों के प्रति पूर्वाग्रह बढ़ सकता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में बसे भारतीय समुदायों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे आपराधिक घटनाओं को प्रवासन बहस में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
वेंस के समर्थकों का कहना है कि वे केवल अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और सख्त सीमा सुरक्षा के एजेंडे को दोहरा रहे थे। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि प्रवासियों को 'हमलावर' कहना न केवल भाषाई रूप से अनुचित है, बल्कि यह उन प्रवासियों के योगदान को भी नकारता है जो इन देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों में आव्रजन (Immigration) एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बना हुआ है।
फिलहाल, इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर दक्षिणपंथी समूह वेंस के रुख का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय मूल के वैश्विक संगठन और उदारवादी गुट इसे 'हेट स्पीच' की श्रेणी में रख रहे हैं। ब्रिटेन में कानून प्रवर्तन एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि कानूनी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।
20 जून 2026, 12:23 pm

इमिग्रेशन
ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध
ईरानी फुटबॉल महासंघ ने 2026 विश्व कप के दौरान अमेरिका की वीजा पाबंदियों के खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की है। कोच ने टीम को 'सबसे उत्पीड़ित' बताया।
20 जून 2026, 12:09 pm

इमिग्रेशन
कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी
भारत सरकार ने 20 जून से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख ला को अस्थायी आव्रजन चौकियों के रूप में अधिसूचित किया है।
20 जून 2026, 11:52 am

