लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते जवाबी हमले: पश्चिम एशिया में छिड़ सकता है बड़ा युद्ध, वैश्विक चिंताएं बढ़ीं

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 06:00 pm
इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते जवाबी हमले: पश्चिम एशिया में छिड़ सकता है बड़ा युद्ध, वैश्विक चिंताएं बढ़ीं

इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्ध का खतरा पैदा हो गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारतीय समुदाय प्रभावित हो सकता है।

दुबई और यरूशलेम से आ रही खबरों के अनुसार, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालिया घंटों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है। इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन धरातल पर तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे टकराव की स्थिति पिछले कई दशकों में सबसे गंभीर है। यमन के हूती विद्रोहियों और अन्य क्षेत्रीय गुटों की सक्रियता ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। इजरायली रक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, वहीं तेहरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की सैन्य उकसावे का जवाब और भी अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम चिंता का विषय है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और विमानन क्षेत्र पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हवाई मार्ग में बदलाव और टिकट दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सीधे तौर पर इस क्षेत्र की शांति से जुड़ी हुई है। कैनबरा में राजनयिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के कई परिवारों के सदस्य इजराइल और खाड़ी के अन्य देशों में कार्यरत हैं, जिससे यहां के समुदाय में बेचैनी देखी जा रही है। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शांति की अपील की है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि यह संघर्ष उनके परिजनों की सुरक्षा को खतरे में डाले। आने वाले दिन इस संघर्ष की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र और प्रमुख वैश्विक शक्तियों को हस्तक्षेप कर तत्काल युद्धविराम सुनिश्चित करना चाहिए ताकि मानवीय संकट को टाला जा सके।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?
राजनीति

एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?

क्या एक प्लंबर एक एमबीए डिग्री धारक से बेहतर कमा सकता है? भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने शिक्षा और हुनर के बीच संतुलन पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।

20 जून 2026, 04:55 pm
'ख़ुद की लोकप्रियता पर ध्यान दें', डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर जियोर्जिया मेलोनी का तीखा पलटवार
राजनीति

'ख़ुद की लोकप्रियता पर ध्यान दें', डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर जियोर्जिया मेलोनी का तीखा पलटवार

इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के उनके राजनीतिक कद पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है।

20 जून 2026, 04:40 pm
नीट विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर धरना जारी, अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
राजनीति

नीट विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर धरना जारी, अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखने का संकल्प लिया है।

20 जून 2026, 04:26 pm