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दिल्ली में छात्रों पर कथित बर्बरता और NEET पेपर लीक पर संसद में भारी हंगामा, दोनों सदन स्थगित
ICN24 Newsroom 22 जुल॰ 2026, 10:35 pm

संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने काला कपड़ा पहनकर विरोध किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
भारत के संसद के मानसून सत्र में बुधवार को अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को शिक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर घेरने की कोशिश की। दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता और NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में भारी शोर-शराबा हुआ। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः इसे दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास एकजुट होकर प्रदर्शन किया। विरोध के प्रतीक के रूप में कई विपक्षी नेता काले कपड़े पहनकर सदन में पहुंचे, जो सरकार की नीतियों और छात्रों के प्रति प्रशासन के रवैये के प्रति उनकी नाराजगी को दर्शाता था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार न केवल परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में विफल रही है, बल्कि अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं पर लाठियां भांजकर लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सांसदों ने 'छात्रों को न्याय दो' और 'NEET पर चर्चा करो' जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया, लेकिन शोर-शराबा थमता न देख उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी नजारा कुछ अलग नहीं था। सभापति जगदीप धनखड़ के बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्षी दलों ने सदन के बीचों-बीच (वेल) आकर विरोध दर्ज कराया।
यह मामला केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह एक चिंता का विषय बना हुआ है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे कई भारतीय प्रवासियों के बच्चे या रिश्तेदार भारत में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षा प्रणाली में इस तरह की खामियां और उसके बाद होने वाले विरोध प्रदर्शनों से विदेशी धरती पर बसे अभिभावकों के बीच भारत की शैक्षिक विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई प्रवासी संगठनों ने सोशल मीडिया पर पारदर्शिता और छात्रों की सुरक्षा की मांग का समर्थन किया है।
सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। सरकार का तर्क है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, विपक्ष अड़ा हुआ है कि जब तक इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही जन आक्रोश चरम पर है, जिसका प्रतिबिंब अब संसद के भीतर भी दिखाई दे रहा है।
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