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ट्रंप के भारतीय मूल के AI सलाहकार श्रीराम कृष्णन का इस्तीफा, एलन मस्क ने किया था समर्थन
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 08:00 pm

डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने पद छोड़ने की घोषणा की है। मस्क के समर्थन और राजनीतिक विवादों के बीच उनका कार्यकाल चर्चा में रहा।
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) रणनीति के प्रमुख वास्तुकार रहे भारतीय मूल के निवेशक श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से हटने की घोषणा कर दी है। कृष्णन इस महीने के अंत में व्हाइट हाउस छोड़ देंगे। उनका 18 महीने का कार्यकाल नीतिगत बदलावों और सिलिकॉन वैली के वाशिंगटन में बढ़ते प्रभाव को लेकर उपजे राजनीतिक विवादों के बीच बीता है।
भारत में जन्मे और चेन्नई में पले-बढ़े कृष्णन ने अपनी विदाई की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने अपने कार्यकाल को चुनौतीपूर्ण और सार्थक बताया। कृष्णन ने व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स के साथ मिलकर काम किया और अमेरिका की भविष्य की तकनीकी नीतियों की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कृष्णन की नियुक्ति शुरुआत से ही विवादों के घेरे में रही थी। ट्रंप के कट्टर समर्थकों (MAGA) ने उनके विदेशी मूल और पूर्व में बड़ी तकनीकी कंपनियों (जैसे ट्विटर और मेटा) के साथ उनके जुड़ाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे। हालांकि, टेक दिग्गज एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से कृष्णन का बचाव किया था, जिससे उन्हें प्रशासन में बने रहने के लिए राजनीतिक समर्थन मिला। मस्क और कृष्णन के बीच करीबी संबंध माने जाते हैं, विशेषकर ट्विटर (अब X) के अधिग्रहण के दौरान कृष्णन की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष मायने रखती है। जिस तरह ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के पेशेवर तकनीकी और नीतिगत क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं, उसी तरह अमेरिका के सत्ता गलियारे में कृष्णन की भूमिका प्रवासी भारतीयों की वैश्विक ताकत का प्रमाण थी। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब आव्रजन (इमिग्रेशन) और तकनीकी प्रतिभाओं के वीजा नियमों को लेकर अमेरिका में बहस तेज है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कृष्णन ने लिखा कि वे प्रशासन की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे अब वापस निजी क्षेत्र या निवेश की दुनिया में लौट सकते हैं। उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने एआई सुरक्षा और नवाचार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, जिसे अब उनकी विदाई के बाद नई दिशा मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृष्णन का जाना ट्रंप प्रशासन की तकनीकी टीम के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
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