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ऑस्ट्रेलिया: बाल शोषण सामग्री के मामले में भारतीय नागरिक करण कुमार को 30 साल की जेल
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 02:00 am

ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय नागरिक करण कुमार को बच्चों के यौन शोषण और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के गंभीर आरोपों में 30 साल की लंबी कैद की सजा सुनाई गई है।
ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय नागरिक को बच्चों के साथ गंभीर यौन शोषण और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के जुर्म में 30 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई गई है। दोषी की पहचान करण कुमार के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी के साथ 'ब्रिजिंग वीजा' पर ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था। अदालत ने कुमार के कृत्यों को बेहद घृणित और समाज के लिए बड़ा खतरा करार दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान यह खुलासा हुआ कि करण कुमार ने नाबालिग बच्चों को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उसने फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर नाबालिग लड़के और लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाए थे। इन फर्जी खातों के जरिए वह बच्चों से संपर्क करता था और उन्हें विश्वास में लेकर उनसे अश्लील तस्वीरें और वीडियो (Child Abuse Material) हासिल करता था। जांच में पाया गया कि उसने इस घिनौने काम के लिए सुनियोजित तरीके से तकनीक का दुरुपयोग किया।
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने एक लंबी जांच के बाद कुमार को गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं को उसके डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री मिली, जो बच्चों के शोषण से जुड़ी थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि कुमार का व्यवहार न केवल अनैतिक था, बल्कि उसने उन बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया, जिन्हें उसने निशाना बनाया था।
न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। 30 साल की यह सजा यह संदेश देती है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले डिजिटल और शारीरिक अपराधों को ऑस्ट्रेलिया में बेहद गंभीरता से लिया जाता है। कुमार को अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा बिना पैरोल के काटना होगा, जिसका अर्थ है कि उसे कम से कम एक निश्चित अवधि तक जेल में ही रहना पड़ेगा।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर एक चेतावनी की तरह है। सामुदायिक नेताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। चूंकि कुमार एक अस्थाई वीजा (Bridging Visa) पर था, इस सजा के बाद उसकी वीजा स्थिति और भविष्य में निर्वासन (Deportation) की संभावनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन कानूनों के तहत, गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले गैर-नागरिकों का वीजा रद्द कर उन्हें सजा पूरी होने के बाद वापस उनके देश भेज दिया जाता है।
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