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ब्रिटेन: मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, भारतीय मूल के युवक को 5 साल से अधिक की जेल
ICN24 Newsroom 21 जून 2026, 01:27 am
ब्रिटेन में रह रहे 25 वर्षीय भारतीय युवक जसकीरत सिंह को प्रवासियों की अवैध तस्करी के आरोप में पांच साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई है।
लंदन की एक अदालत ने एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा होने के आरोप में 25 वर्षीय भारतीय नागरिक जसकीरत सिंह को पांच साल और दो महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा जसकीरत द्वारा प्रवासियों को ब्रिटेन से फ्रांस ले जाने के अवैध व्यापार में सक्रिय भागीदारी के लिए दी गई है। जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) का इस्तेमाल कर प्रवासियों को लुभाने और अपने काले कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कर रहा था।
ब्रिटेन की जांच एजेंसियों ने बताया कि जसकीरत सिंह उस गिरोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था जो ट्रकों या लोरियों के माध्यम से लोगों को सीमा पार कराने का काम करता था। इस मामले की गंभीरता इसलिए भी अधिक थी क्योंकि प्रवासियों को बेहद खतरनाक परिस्थितियों में बंद लोरियों के पीछे छिपाकर ले जाया जाता था, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा बना रहता था। अधिकारियों के अनुसार, सिंह न केवल परिवहन की व्यवस्था करता था, बल्कि वह ग्राहकों से संपर्क साधने और पैसे के लेन-देन में भी शामिल था।
अदालती कार्यवाही के दौरान यह बात सामने आई कि इस गिरोह ने सोशल मीडिया को अपना मुख्य हथियार बनाया था। टिकटॉक पर विज्ञापन देकर वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो अवैध रूप से सीमा पार करना चाहते थे। यह मामला आधुनिक युग में अपराध के बदलते स्वरूप को भी दर्शाता है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इस सजा का स्वागत करते हुए कहा है कि यह उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को ताक पर रखकर मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त हैं।
ऑस्ट्रेलियाई और वैश्विक संदर्भ में देखें तो यह घटना भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर विदेश जाने की चाहत या वहां बसने की जल्दबाजी में लोग ऐसे अवैध नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि खुद की और दूसरों की जान को खतरे में डालने जैसा है। ऑस्ट्रेलिया में भी सीमा सुरक्षा और मानव तस्करी को लेकर सख्त कानून हैं, और ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर न केवल जेल की सजा होती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति का वीजा रद्द कर उसे स्थायी रूप से निर्वासित (Deport) कर दिया जाता है।
जांचकर्ताओं ने पाया कि जसकीरत सिंह के पास से कई मोबाइल फोन और भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी, जो इस तस्करी व्यवसाय से अर्जित की गई थी। इस सजा के माध्यम से ब्रिटिश न्याय प्रणाली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रवासियों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आईसीएस24 (ICN24) अपने पाठकों से अपील करता है कि वे कानूनी रास्तों का ही पालन करें और सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने लेकिन अवैध विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
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