लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली के ऐतिहासिक जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा लिया

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 11:31 pm
विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली के ऐतिहासिक जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा लिया

केंद्र सरकार ने दिल्ली स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड को अपने नियंत्रण में ले लिया है। कोर्ट द्वारा इंडियन पोलो एसोसिएशन की याचिका खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

भारत सरकार के संपदा निदेशालय (Directorate of Estates) ने दिल्ली के प्रतिष्ठित जयपुर पोलो ग्राउंड पर अपना कब्जा जमा लिया है। यह कार्रवाई उस कानूनी विवाद के बीच हुई है जो लंबे समय से सरकार और इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) के बीच चल रहा था। विभाग ने खेल के मैदान के बाहर एक औपचारिक नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह भूमि अब पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन है। यह कदम उस समय उठाया गया जब अदालत ने बेदखली आदेश पर रोक लगाने की IPA की याचिका को खारिज कर दिया। लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई में सरकार का तर्क था कि भूमि का उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुसार नहीं किया जा रहा था या पट्टे की अवधि समाप्त हो चुकी थी। दूसरी ओर, पोलो एसोसिएशन इस ऐतिहासिक स्थल पर खेल की विरासत को बनाए रखने की दलील दे रहा था। जयपुर पोलो ग्राउंड का इतिहास भारत में इस खेल के गौरवशाली अतीत से जुड़ा हुआ है। दिल्ली के रेस कोर्स रोड के पास स्थित यह मैदान न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंटों का भी गवाह रहा है। भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले खेल प्रेमी, जो अक्सर जयपुर और दिल्ली के पोलो सीजन को करीब से देखते हैं, उनके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। मेलबर्न और सिडनी में पोलो के शौकीन कई भारतीय मूल के लोग इस मैदान की विरासत से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा इस मैदान का नियंत्रण लेना दिल्ली के लुटियंस जोन में सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल, खेल गतिविधियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि IPA अब अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय में खेल कूटनीति के नजरिए से भी इस घटनाक्रम को देखा जा रहा है। जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया में पोलो को एक सामुदायिक और उच्च-स्तरीय खेल के रूप में सराहा जाता है, उसी तरह भारत के इन ऐतिहासिक मैदानों का भविष्य खेल प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद अब यह देखना होगा कि क्या इस मैदान का उपयोग किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जाएगा या खेल सुविधाओं को नए सिरे से पुनर्गठित किया जाएगा।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
राजनीति

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'

पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।

20 जून 2026, 08:41 pm
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
राजनीति

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

20 जून 2026, 07:11 pm
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
राजनीति

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।

20 जून 2026, 05:56 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate