राजनीति
भारत सरकार की पहल: श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता हेतु आवेदन आमंत्रित
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 02:00 am

भारत के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने खदान श्रमिकों, बीड़ी मजदूरों और सिनेमा क्षेत्र के कामगारों के बच्चों के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत आवेदन मांगे हैं।
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंत्रालय ने लौह अयस्क, मैंगनीज, क्रोम, चूना पत्थर और डोलोमाइट खदानों में काम करने वाले श्रमिकों के साथ-साथ बीड़ी मजदूरों और सिनेमा क्षेत्र के कामगारों के बच्चों से वित्तीय सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह छात्रवृत्ति योजना पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए उपलब्ध है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों के बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। आईसीएम24 (ICN24) के पाठकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि भारत में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये सुधार जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव ला रहे हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय, जो अक्सर भारत में अपने मूल स्थानों पर परोपकारी कार्यों से जुड़ा रहता है, इस जानकारी को अपने संबंधित क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के साथ साझा कर सकता है ताकि पात्र बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र छात्र नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से अपनी अर्जी जमा कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रखा गया है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जा सके। इस छात्रवृत्ति के तहत मिलने वाली राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से भेजी जाएगी।
योग्यता मानदंडों की बात करें तो आवेदकों के माता-पिता का संबंधित उद्योगों में पंजीकृत श्रमिक होना अनिवार्य है। इसके अलावा, छात्रों का पिछले शैक्षणिक वर्ष में उत्तीर्ण होना और नियमित रूप से स्कूल जाना आवश्यक है। वित्तीय सहायता की राशि कक्षा के स्तर के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है, जो वर्दी, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों को कवर करने में मदद करती है।
यह कदम भारत सरकार के उस व्यापक विजन का हिस्सा है जिसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से खदानों जैसे कठिन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह एक बड़ी राहत है। जो भारतीय ऑस्ट्रेलिया में बस चुके हैं और भारत में सामाजिक उत्थान के कार्यों में रुचि रखते हैं, वे इस सरकारी योजना के बारे में जागरूकता फैलाकर एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि के करीब आने से पहले मंत्रालय ने सभी पात्र उम्मीदवारों को जल्द से जल्द पंजीकरण करने की सलाह दी है।
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