ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
भारत सरकार का बड़ा फैसला: विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड पर कैपिटल गेन टैक्स खत्म
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:01 am

भारत सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को आकर्षित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को खत्म कर दिया है।
नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ाने और घरेलू बॉन्ड बाजार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को जारी एक नए अध्यादेश (Ordinance) के माध्यम से सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में किए गए निवेश पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिए आयकर अधिनियम (Income Tax Act) में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य डॉलर की आवक को बढ़ाना और भारतीय सरकारी बॉन्ड को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी और रुपये की विनिमय दर को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीयों और वहां के वित्तीय संस्थानों के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया के सुपरएनुएशन फंड और बड़े एसेट मैनेजर्स, जो उभरते बाजारों (Emerging Markets) में निवेश के अवसर तलाशते हैं, अब भारतीय सरकारी बॉन्ड में बिना अतिरिक्त कर बोझ के निवेश कर सकेंगे। यह कदम भारत को वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अरबों डॉलर के निवेश की राह खुलेगी।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, अब तक विदेशी निवेशकों को भारत में बॉन्ड निवेश से होने वाले मुनाफे पर कर देना पड़ता था, जो कई बार उन्हें अन्य उभरते बाजारों की तुलना में हतोत्साहित करता था। इस छूट के बाद, भारतीय बाजार दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिकी देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट विशेष रूप से सरकारी प्रतिभूतियों के लिए है, जो संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ आती हैं। इससे न केवल विदेशी पूंजी आएगी, बल्कि सरकार की उधारी लागत में भी कमी आने की संभावना है। ICN24 की रिपोर्ट के अनुसार, इस नीतिगत बदलाव का असर आने वाले हफ्तों में शेयर बाजार और डेट मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की गतिविधियों में देखा जा सकता है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
सोमनाथ से अयोध्या: राम मंदिर चंदा विवाद और मंदिरों की लूट का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे चंदा चोरी के आरोपों के बीच, राम पुनियानी ने मंदिर के इतिहास और वर्तमान राजनीति पर एक गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
6 जुल॰ 2026, 01:31 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
दिखावे की दुनिया और बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य: एन. रघुरामन ने माता-पिता को दी अहम सलाह
प्रसिद्ध लेखक एन. रघुरामन ने बच्चों में बढ़ते भावनात्मक तनाव और दिखावे की संस्कृति पर चिंता जताई है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है।
6 जुल॰ 2026, 12:31 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
किम जोंग उन ने पेश किया परमाणु-सक्षम विध्वंसक; उत्तर कोरिया के नए युद्धपोत से क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने 5,000 टन के नए युद्धपोत 'कांग कोन' से क्रूज मिसाइल परीक्षण का निरीक्षण किया, जो देश की नौसैनिक परमाणु क्षमता में बड़ी वृद्धि है।
6 जुल॰ 2026, 11:31 am
