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4000 किमी तक वार और परमाणु हमला: भारत ने किया अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण

ICN24 Newsroom 7 अग॰ 2026, 02:37 pm
4000 किमी तक वार और परमाणु हमला: भारत ने किया अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से परमाणु सक्षम अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जिसकी मारक क्षमता 4000 किलोमीटर तक है।

भारत ने अपनी सामरिक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को ओडिशा के तट पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-4' का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्षेपण रणनीतिक बल कमान (Strategic Forces Command - SFC) के तत्वावधान में किया गया, जो भारत के परमाणु हथियारों और उनके वितरण प्रणालियों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। मिसाइल के परीक्षण के दौरान सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया। यह लॉन्च एक नियमित प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य मिसाइल की विश्वसनीयता और परिचालन तत्परता को और अधिक पुख्ता करना था। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अग्नि-4 के इस सफल परीक्षण ने भारत की 'न्यूनतम विश्वसनीय निवारण' (Minimum Credible Deterrence) की क्षमता को और मजबूत किया है। तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो अग्नि-4 एक दो-चरण वाली, ठोस-ईंधन आधारित इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है। लगभग 20 मीटर लंबी और 17,000 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदने में सक्षम है। इसे परमाणु और पारंपरिक, दोनों ही प्रकार के हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा निर्मित यह मिसाइल 'रोड-मोबाइल' लॉन्चर से दागी जा सकती है, जिससे युद्ध की स्थिति में इसे तेजी से कहीं भी तैनात करना आसान हो जाता है। अग्नि-4 का यह परीक्षण वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मिसाइल श्रृंखला (अग्नि-1 से अग्नि-5 तक) भारत को अलग-अलग श्रेणियों में सटीक हमले की क्षमता प्रदान करती है। विशेष रूप से अग्नि-4, भारत के शस्त्रागार में अग्नि-3 और अग्नि-5 के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो क्षेत्रीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने की क्षमता रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति गर्व का विषय है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और क्वाड (QUAD) जैसे समूहों में बढ़ती भागीदारी के बीच, भारत की यह सैन्य मजबूती हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में सहायक मानी जा रही है। भारत लगातार अपनी मिसाइल प्रणालियों को अपग्रेड कर रहा है ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सके।
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