राजनीति
भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक 13 समझौते: नीस में मोदी-मैक्रों की मुलाकात में डिफेंस और AI पर बनी सहमति
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 12:01 am
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस में द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
फ्रांस के तटीय शहर नीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। रविवार को आयोजित इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), व्यापार और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल 13 समझौतों पर सहमति बनी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आर्थिक सहयोग रहा। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एक 'हाई-लेवल सिस्टम' और 'इकोनॉमिक सिक्योरिटी' ढांचे पर सहमति बनी है, जो भविष्य में होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की नींव रखेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह पहल न केवल दोनों देशों के उद्योगों को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को भी विस्तार देगी।
रक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस ने अपनी पुरानी दोस्ती को और मजबूत किया है। समझौतों के तहत नई पीढ़ी की रक्षा तकनीक के हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, शिक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं, जिससे दोनों देशों के छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच की केमिस्ट्री भी चर्चा का विषय रही, जहां उन्होंने साथ में सेल्फी ली और आपसी विश्वास का संदेश दिया।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। जिस तरह भारत और ऑस्ट्रेलिया 'क्वाड' और आर्थिक सहयोग के माध्यम से करीब आ रहे हैं, उसी तरह फ्रांस के साथ भारत के मजबूत होते रिश्ते हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में एक संतुलित शक्ति समीकरण बनाने में मदद करेंगे। सिडनी और मेलबर्न में बसे भारतीय पेशेवर, जो टेक और डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं, वे इस बढ़ते वैश्विक गठजोड़ को भविष्य के निवेश और पेशेवर विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
अंत में, यह बैठक केवल कागजी समझौतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की बढ़ती धमक को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस को भारत का सबसे भरोसेमंद साथी बताया और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
सोमनाथ से अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट पर चंदा चोरी के आरोप और ऐतिहासिक लूट पर छिड़ी बहस
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे चंदा चोरी के आरोपों के बीच लेखक राम पुनियानी ने ऐतिहासिक लूट और वर्तमान राजनीति के अंतर्संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
6 जुल॰ 2026, 01:31 pm
राजनीति
दिखावे की दुनिया से बच्चों को बचाना जरूरी: एन. रघुरामन ने दी अभिभावकों को खास सलाह
प्रख्यात मैनेजमेंट गुरु एन. रघुरामन ने चेतावनी दी है कि आज के बच्चे काम से ज्यादा दिखावे को महत्व देने वाली दुनिया में भावनात्मक तनाव का शिकार हो रहे हैं।
6 जुल॰ 2026, 12:31 pm

राजनीति
किम जोंग उन ने परमाणु-क्षम युद्धपोत का किया अनावरण; उत्तर कोरियाई नौसेना में शामिल होगा 5000 टन का नया विध्वंसक
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने 5,000 टन के शक्तिशाली विध्वंसक 'कांग कोन' पर लाइव-फायर हथियारों के परीक्षण का निरीक्षण किया, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा रहा है।
6 जुल॰ 2026, 11:31 am

