राजनीति
भारत और चीन के बीच LAC पर तनाव कम करने के लिए राजनयिक और सैन्य वार्ता जारी रखने पर सहमति
ICN24 Newsroom 7 अग॰ 2026, 07:37 pm

भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबित मुद्दों को हल करने और गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया है।
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (WMCC) की बैठक के दौरान दोनों देशों ने मौजूदा राजनयिक और सैन्य चैनलों का उपयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ शेष मुद्दों का समाधान करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना था।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने खुले और रचनात्मक वातावरण में बातचीत की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 'गलतफहमी और गलत अनुमान' (misunderstanding and miscalculation) से बचने के लिए स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों और अन्य स्थापित तंत्रों का सक्रिय रूप से उपयोग किया जाए। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा और महासागरीय मामलों के विभाग के महानिदेशक ने किया।
गौरतलब है कि साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के संबंधों में काफी गिरावट आई है। हालांकि कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ता के बाद कुछ क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी हुई है, लेकिन डेमचोक और देपसांग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अभी भी कुछ 'पेंडिंग' मुद्दे बने हुए हैं। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पर शांति बहाल नहीं होती, तब तक द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य नहीं माना जा सकता।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। क्वाड (Quad) का सदस्य होने के नाते, ऑस्ट्रेलिया भारत-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का पक्षधर रहा है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डालता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय प्रवासी भारतीय समुदाय इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखता है, क्योंकि यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा मामला है।
बैठक के समापन पर दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अगले दौर की वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता जल्द ही आयोजित की जाएगी। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी तरह से पीछे हटने और शांति की बहाली की दिशा में काम करने के संकल्प को दोहराया। हालांकि विशेषज्ञ इसे एक क्रमिक प्रक्रिया मान रहे हैं, लेकिन निरंतर बातचीत को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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