राजनीति
दिल्ली में एच.वी. राजीव ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की मुलाकात: कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 02:30 am

पूर्व मुडा अध्यक्ष एच.वी. राजीव ने नई दिल्ली में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों सरगर्मियां तेज हैं। इसी क्रम में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सदस्य और मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के पूर्व अध्यक्ष एच.वी. राजीव ने आज सुबह नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में राज्य के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की। राजीव ने शिवकुमार का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया, जिसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञ इसे आगामी संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर देख रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी के आधिकारिक दौरे पर हैं। इससे पहले कल उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के शीर्ष नेतृत्व, जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे, के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की थीं। शिवकुमार की दिल्ली यात्रा को राज्य प्रशासन और पार्टी के आंतरिक मामलों के समन्वय के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एच.वी. राजीव जैसे अनुभवी नेता की उनसे मुलाकात कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सत्ता के नए समीकरणों की ओर इशारा करती है।
एच.वी. राजीव, जो मैसूर क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, मुडा के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी और शिवकुमार की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कर्नाटक सरकार विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को गति देने का प्रयास कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मैसूर क्षेत्र के विकास कार्यों और आगामी स्थानीय चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भारत की राज्य स्तरीय राजनीति का असर अब सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय पर भी व्यापक रूप से पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कन्नड़ मूल के प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़ी हर राजनीतिक हलचल पर पैनी नजर रखते हैं। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर कर्नाटक की विकास नीतियों और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चर्चा करते हैं, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव उनके गृह राज्य में निवेश और बुनियादी ढांचे पर पड़ता है।
दिल्ली में हो रही ये बैठकें न केवल राज्य सरकार के भीतर शिवकुमार के बढ़ते कद को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी संकेत देती हैं कि पार्टी आगामी चुनौतियों के लिए अपने क्षेत्रीय नेताओं को एकजुट कर रही है। केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में शिवकुमार का लक्ष्य पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और राजीव जैसे नेताओं का समर्थन इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुलाकात के क्या रणनीतिक परिणाम निकलते हैं।
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