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त्रिपोली में यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन, प्रवासियों के लिए सहायता कार्यक्रम बंद करने की मांग
ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 09:01 am

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर प्रवासियों के निपटान का विरोध किया।
लीबिया की राजधानी त्रिपोली में तनावपूर्ण स्थिति देखी गई जब सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (UNHCR) के कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य देश में अवैध प्रवासियों की बढ़ती उपस्थिति का विरोध करना और शरणार्थी एजेंसी द्वारा चलाए जा रहे सहायता कार्यक्रमों को तत्काल बंद करने की मांग करना था।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूएनएचसीआर लीबिया में प्रवासियों के स्थायी निपटान की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे देश की जनसांख्यिकी और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 'लीबिया पहले' के नारों के साथ, भीड़ ने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र का यह कार्यालय बंद कर दिया जाए। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियां प्रवासियों को लीबिया में रुकने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जबकि देश पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
लीबिया लंबे समय से अफ्रीका और मध्य पूर्व के उन प्रवासियों के लिए एक प्रमुख पारगमन बिंदु रहा है जो यूरोप जाने की तलाश में होते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में सुरक्षा स्थिति और कड़े सीमा नियंत्रणों के कारण, हजारों प्रवासी लीबिया के भीतर ही फंसे हुए हैं। इससे स्थानीय समुदायों और प्रवासियों के बीच तनाव पैदा हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की नीतियों ने लीबिया को एक 'अनौपचारिक शरणार्थी शिविर' में बदल दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटना वैश्विक आव्रजन नीतियों और मानवीय सहायता के बीच जटिल संतुलन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया ने भी अक्सर सख्त सीमा नियंत्रण और अपतटीय प्रसंस्करण (offshore processing) जैसी नीतियों को अपनाया है, जो वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय रहती हैं। त्रिपोली में हो रहा यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि प्रवासी संकट केवल गंतव्य देशों को ही नहीं, बल्कि पारगमन देशों (transit countries) को भी गंभीर सामाजिक चुनौतियों में डाल रहा है।
यूएनएचसीआर ने अभी तक इस विशेष विरोध प्रदर्शन पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एजेंसी अक्सर कहती रही है कि उसका कार्य पूरी तरह मानवीय आधार पर है और वह केवल उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है जो हिंसा और उत्पीड़न से भाग रहे हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए त्रिपोली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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