लाइव
इमिकास्ट
इमिकास्ट

ओडिशा: नबरंगपुर में बाल श्रम के लिए ले जाई जा रही 9 नाबालिग लड़कियां बचाई गईं, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 10:01 pm
ओडिशा: नबरंगपुर में बाल श्रम के लिए ले जाई जा रही 9 नाबालिग लड़कियां बचाई गईं, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

ओडिशा के नबरंगपुर में पुलिस ने एक बड़े अभियान के दौरान बाल श्रम के लिए ले जाई जा रही नौ नाबालिग लड़कियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।

ओडिशा के नबरंगपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नौ नाबालिग लड़कियों को अवैध रूप से बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाए जाने से पहले ही बचा लिया है। यह कार्रवाई डबुआगांव ब्लॉक के सरगुड़ा छक के पास की गई, जहाँ ये लड़कियां एक बिचौलिए के वाहन का इंतजार कर रही थीं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इन बच्चियों को राज्य से बाहर मजदूरी के लिए भेजा जा रहा है। नबरंगपुर पुलिस और जिला श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने इस बचाव अभियान को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन लड़कियों को प्रलोभन देकर दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूरों के रूप में काम करने के लिए ले जाया जा रहा था। इस मामले ने एक बार फिर ग्रामीण भारत में सक्रिय मानव तस्करी और बाल श्रम के रैकेट की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस अब उन बिचौलियों और एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस पूरे नेटवर्क के पीछे हैं। बचाई गई लड़कियों को फिलहाल बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में रखा गया है और उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बच्चों के अवैध परिवहन की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना विशेष रूप से उन क्षेत्रों में गरीबी और शिक्षा की कमी को दर्शाती है जहाँ मानव तस्कर आसानी से मासूमों को अपना निशाना बनाते हैं। भारत में बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ कड़े कानून होने के बावजूद, प्रवासी श्रमिकों का अवैध परिवहन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद आर्थिक संकट ने कई परिवारों को असुरक्षित बना दिया है, जिसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' जैसे अभियानों के बावजूद, नबरंगपुर जैसी घटनाएं जमीनी हकीकत को बयां करती हैं। प्रवासी भारतीय समुदायों के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है, क्योंकि दुनिया भर में फैले भारतीय मूल के लोग अक्सर भारत में सामाजिक सुधारों और मानवाधिकारों की वकालत करते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्य अक्सर भारत के ग्रामीण विकास और शिक्षा के लिए दान और समर्थन देते हैं। नबरंगपुर की यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि भारत के सुदूर ग्रामीण अंचलों में अभी भी बाल संरक्षण और रोजगार के अवसरों में सुधार की अत्यधिक आवश्यकता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

स्पेन में प्रवासियों के नियमितीकरण की लहर: अनुमान से दोगुना, 12 लाख से अधिक लोगों ने किया आवेदन
इमिग्रेशन

स्पेन में प्रवासियों के नियमितीकरण की लहर: अनुमान से दोगुना, 12 लाख से अधिक लोगों ने किया आवेदन

स्पेन के प्रवासन नियमितीकरण कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी है, जहां 1.2 मिलियन प्रवासियों ने कानूनी निवास के लिए आवेदन किया है, जो सरकारी अनुमानों से कहीं अधिक है।

4 जुल॰ 2026, 04:01 am
ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा शुल्क में रातों-रात भारी बढ़ोतरी: जानिए क्या हैं नए नियम और दरें
इमिग्रेशन

ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा शुल्क में रातों-रात भारी बढ़ोतरी: जानिए क्या हैं नए नियम और दरें

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने छात्र वीजा और ग्रेजुएट वीजा शुल्क में तत्काल प्रभाव से भारी वृद्धि की है। सबक्लास 500 की फीस अब $2,500 हो गई है, जिससे छात्रों में चिंता है।

1 जुल॰ 2026, 02:02 am
ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता: एक दोस्त के समारोह में दिखी नए नागरिकों के संघर्ष और गर्व की झलक
इमिग्रेशन

ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता: एक दोस्त के समारोह में दिखी नए नागरिकों के संघर्ष और गर्व की झलक

एक हालिया नागरिकता समारोह ने उन हजारों प्रवासियों के संघर्षों को उजागर किया है, जो वर्षों के इंतजार और कागजी कार्रवाई के बाद अंततः ऑस्ट्रेलिया को अपना स्थायी घर कहते हैं।

24 जून 2026, 03:12 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate