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IIT रुड़की का ऐतिहासिक ऐलान: JEE Advanced में पहली बार 10,000 से अधिक छात्राओं ने मारी बाजी
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 10:00 pm

IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 के नतीजों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है, जहाँ पहली बार 10,000 से अधिक छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की है। इस वर्ष की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) एडवांस्ड में पहली बार 10,000 से अधिक छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है। यह आंकड़ा भारत के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में लैंगिक विविधता लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल महिला उम्मीदवारों की सफलता दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।
IIT रुड़की के अनुसार, इस सफलता का श्रेय न केवल छात्राओं की कड़ी मेहनत को जाता है, बल्कि सरकार और संस्थानों द्वारा अपनाई गई समावेशी नीतियों को भी जाता है। पिछले कुछ वर्षों में, IIT परिषद ने छात्राओं के लिए सुपरन्यूमेररी (अतिरिक्त) सीटों की व्यवस्था की थी, जिसका उद्देश्य कैंपस में छात्राओं की संख्या को बढ़ाकर कम से कम 20 प्रतिशत करना था। इस वर्ष के परिणाम दर्शाते हैं कि ये नीतियां धरातल पर सकारात्मक परिणाम ला रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर अत्यंत गर्व का विषय है। प्रवासी भारतीय परिवार पारंपरिक रूप से शिक्षा और इंजीनियरिंग को उच्च प्राथमिकता देते हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई छात्र भी अक्सर उच्च शिक्षा के लिए भारत के इन शीर्ष संस्थानों या इनके वैश्विक समकक्षों की ओर देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में महिला इंजीनियरों की यह नई खेद भविष्य में वैश्विक स्तर पर, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में तकनीकी नवाचार का नेतृत्व करेगी, जहाँ भारतीय पेशेवरों की भारी मांग है।
शिक्षाविदों का कहना है कि 10,000 का यह जादुई आंकड़ा पार करना एक मनोवैज्ञानिक बाधा को तोड़ने जैसा है। यह न केवल वर्तमान छात्राओं को प्रेरित करेगा, बल्कि उन अभिभावकों के दृष्टिकोण में भी बदलाव लाएगा जो पहले इंजीनियरिंग को मुख्य रूप से पुरुषों का क्षेत्र मानते थे। IIT रुड़की ने स्पष्ट किया है कि वे कैंपस में सुरक्षित और सहायक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि ये छात्राएं अपनी शैक्षणिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।
आगामी काउंसलिंग सत्रों के दौरान इन छात्राओं को उनकी रैंक और पसंद के अनुसार विभिन्न IIT में प्रवेश दिया जाएगा। यह विकास भारतीय उच्च शिक्षा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है, जो आने वाले समय में कार्यबल में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त बनाएगा।
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