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ऑस्ट्रेलियाई सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: अनिश्चितकालीन हिरासत में रखे गए गैर-नागरिकों को मिल सकता है भारी मुआवजा

ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 06:31 pm
ऑस्ट्रेलियाई सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: अनिश्चितकालीन हिरासत में रखे गए गैर-नागरिकों को मिल सकता है भारी मुआवजा

ऑस्ट्रेलियाई सरकार को हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद अनिश्चितकालीन हिरासत में रखे गए सैकड़ों गैर-नागरिक अब करोड़ों डॉलर के मुआवजे के हकदार हो सकते हैं।

ऑस्ट्रेलियाई उच्च न्यायालय (High Court) ने एक ऐतिहासिक फैसले में सरकार की उन नीतियों को झटका दिया है जिनके तहत गैर-नागरिकों को अनिश्चित काल के लिए हिरासत में रखा गया था। इस अदालती आदेश के बाद, अब यह संभावना प्रबल हो गई है कि 350 से अधिक व्यक्तियों को करोड़ों डॉलर का मुआवजा देना पड़ सकता है। मानवाधिकार वकीलों और शरणार्थी समर्थक समूहों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे कानून के शासन की जीत बताया है। यह मामला उन लोगों से संबंधित है जिन्हें वीजा रद्द होने के बाद भी केवल इसलिए हिरासत में रखा गया था क्योंकि उन्हें उनके मूल देश वापस नहीं भेजा जा सकता था। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना किसी निश्चित रिहाई तिथि के किसी व्यक्ति को हिरासत में रखना संवैधानिक रूप से वैध नहीं है। यह फैसला अल्बनीज सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी चुनौती बनकर उभरा है, जो पहले से ही सख्त आव्रजन नीतियों और निगरानी नियमों को लेकर दबाव में है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के दृष्टिकोण से, यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कई प्रवासी और छात्र अक्सर वीजा संबंधी जटिलताओं का सामना करते हैं। हालांकि यह मामला गंभीर कानूनी उल्लंघनों और निर्वासन की स्थिति वाले लोगों से जुड़ा है, लेकिन यह ऑस्ट्रेलिया की आव्रजन प्रणाली में मानवीय अधिकारों की प्राथमिकता को रेखांकित करता है। समुदाय के विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से कानूनी अधर में फंसे हुए थे। मुआवजे की राशि प्रत्येक व्यक्ति की हिरासत की अवधि और उनके साथ हुए व्यवहार के आधार पर तय की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि सरकार को कुल मिलाकर लाखों, या शायद करोड़ों डॉलर का भुगतान करना पड़ सकता है। यह न केवल सरकारी खजाने पर बोझ डालेगा, बल्कि आव्रजन सुधारों के लिए नए सिरे से बहस भी शुरू करेगा। सरकार ने कहा है कि वह अदालत के फैसले का विस्तार से अध्ययन कर रही है और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। विपक्ष ने इस स्थिति के लिए सरकार के प्रबंधन की आलोचना की है। गृह मंत्री और आव्रजन विभाग पर अब यह दबाव है कि वे हिरासत में बंद अन्य लोगों के मामलों की समीक्षा तेजी से करें। शरणार्थी परिषद (Refugee Council) का कहना है कि यह निर्णय उन लोगों के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आया है जिन्होंने बिना किसी अपराध के वर्षों जेल जैसी परिस्थितियों में बिताए हैं। आने वाले हफ्तों में, इस फैसले के दूरगामी परिणाम ऑस्ट्रेलिया की सीमा सुरक्षा और आव्रजन नीतियों पर देखने को मिलेंगे।
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