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हजारीबाग: सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्रीय ऊर्जा सचिव से की मुलाकात, एनटीपीसी विस्थापितों के लिए मांगा न्याय

ICN24 Newsroom 31 जुल॰ 2026, 12:36 am
हजारीबाग: सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्रीय ऊर्जा सचिव से की मुलाकात, एनटीपीसी विस्थापितों के लिए मांगा न्याय

हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल से मिलकर एनटीपीसी परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की मांग की।

हजारीबाग के नवनिर्वाचित सांसद मनीष जायसवाल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल से एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत एनटीपीसी (NTPC) की विभिन्न कोयला खनन परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों और विस्थापित परिवारों की ज्वलंत समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाना था। सांसद ने सचिव को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें विस्थापितों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़ी अनियमितताओं का जिक्र किया गया है। मुलाकात के दौरान सांसद जायसवाल ने हजारीबाग जिले के बड़कागांव और केरेडारी प्रखंडों में संचालित एनटीपीसी की परियोजनाओं, जैसे पंकरी-बरवाडीह, चट्टी-बरियातू और बादम कोयला खनन परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने ऊर्जा सचिव को बताया कि इन परियोजनाओं के कारण हजारों परिवारों को अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी है, लेकिन बदले में उन्हें वह न्याय और सुविधाएं नहीं मिलीं जिसका वादा किया गया था। सांसद ने जोर देकर कहा कि कोयला खनन से देश को ऊर्जा तो मिल रही है, लेकिन स्थानीय भूमिदाता आज भी मुआवजे, नियोजन और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने विशेष रूप से विस्थापितों के लिए उचित मुआवजा नीति, प्रभावित परिवारों के शिक्षित युवाओं को स्थायी रोजगार और विस्थापित गांवों में बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी जैसी महारत्न कंपनी को स्थानीय समुदायों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) का निर्वहन पूरी पारदर्शिता के साथ करना चाहिए। उन्होंने सचिव को अवगत कराया कि जमीन अधिग्रहण के वर्षों बाद भी कई परिवारों को अब तक पुनर्वास स्थलों पर बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है। केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि मंत्रालय इन सभी मुद्दों की समीक्षा करेगा। सचिव ने भरोसा दिलाया कि विस्थापितों की उचित मांगों को प्राथमिकता दी जाएगी और एनटीपीसी प्रबंधन को निर्देशित किया जाएगा कि वे रैयतों के साथ संवाद कर समस्याओं का त्वरित समाधान निकालें। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर झारखंड से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी, अपने गृह राज्य में हो रहे इन विकासवादी संघर्षों पर गहरी नजर रखते हैं। झारखंड का खनिज भंडार भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है, लेकिन इसके सामाजिक प्रभाव हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। सांसद जायसवाल की इस पहल को क्षेत्र के विकास और विस्थापितों के हक की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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