इमिकास्ट
H-1B वीजा शुल्क पर बड़ा फैसला: अमेरिकी अदालत ने $100,000 की फीस को फिर से लागू करने की दी मंजूरी
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 07:01 pm

अमेरिकी संघीय अदालत ने $100,000 के H-1B वीजा शुल्क को फिर से बहाल कर दिया है, जिससे भारतीय आईटी पेशेवरों और नियोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
वाशिंगटन: अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों और वहां की दिग्गज टेक कंपनियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। एक अमेरिकी संघीय अदालत ने कुछ विशिष्ट H-1B याचिकाओं के लिए निर्धारित $100,000 (करीब 84 लाख रुपये) के भारी-भरकम शुल्क को फिर से लागू करने का फैसला सुनाया है। इससे पहले निचली अदालत ने इस नीति को खारिज कर दिया था, लेकिन अब ऊपरी अदालत ने अपील लंबित रहने तक इस पर रोक लगा दी है।
यह फैसला उन नियोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है जो भारतीय प्रतिभाओं को अमेरिका बुलाने के लिए H-1B वीजा का सहारा लेते हैं। इस फीस संरचना को लेकर लंबे समय से कानूनी बहस चल रही है। आलोचकों का तर्क है कि इतनी अधिक फीस छोटे और मध्यम स्तर के स्टार्टअप्स के लिए बाधा बन जाएगी, जो विशेषज्ञता वाले पदों के लिए भारतीय इंजीनियरों पर निर्भर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति का सीधा असर भारतीय समुदाय पर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका के कुल H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत से अधिक है। यदि यह शुल्क स्थायी रूप से लागू रहता है, तो कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में बदलाव कर सकती हैं, जिससे भारतीय पेशेवरों के लिए अवसरों में कमी आ सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंताजनक है। कई भारतीय पेशेवर जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में 482 वीजा या अन्य स्किल्ड वीजा पर काम कर रहे हैं, वे करियर में उन्नति के लिए भविष्य में अमेरिका जाने की योजना बनाते हैं। अमेरिका की बदलती वीजा नीतियों और बढ़ती लागत के कारण, अब अधिक भारतीय पेशेवर सिडनी, मेलबर्न और ब्रिसबेन जैसे शहरों को अपना स्थायी ठिकाना बनाने की दिशा में सोच सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। फिलहाल यह केवल एक अंतरिम रोक है और अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय में अपील की सुनवाई के बाद ही आएगा। तब तक, संबंधित श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले नियोक्ताओं को इस बढ़ी हुई राशि का भुगतान करना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी अमेरिकी चुनावों के परिदृश्य में यह नीति क्या मोड़ लेती है।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।
20 जून 2026, 12:23 pm

इमिग्रेशन
ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध
ईरानी फुटबॉल महासंघ ने 2026 विश्व कप के दौरान अमेरिका की वीजा पाबंदियों के खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की है। कोच ने टीम को 'सबसे उत्पीड़ित' बताया।
20 जून 2026, 12:09 pm

इमिग्रेशन
कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी
भारत सरकार ने 20 जून से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख ला को अस्थायी आव्रजन चौकियों के रूप में अधिसूचित किया है।
20 जून 2026, 11:52 am
