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गुरुग्राम पुलिस का घर-घर सत्यापन अभियान: अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए नई रणनीति
ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 07:30 pm

गुरुग्राम पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर अभियान फिर से शुरू किया है, जिसमें मानवीय दृष्टिकोण और दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर दिया गया है।
हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक बार फिर व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। पिछले वर्ष इसी तरह के अभियान के दौरान प्रवासी कामगारों के बीच मची अफरा-तफरी को देखते हुए, इस बार प्रशासन ने सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना और स्थानीय निवासियों का डेटाबेस तैयार करना है।
गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में केंद्रित होगा जहां झुग्गियां, कम किराए वाले मकान और निर्माण स्थल अधिक हैं। पुलिस की टीमें घर-घर जाकर निवासियों के पहचान पत्रों, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और यदि विदेशी हैं तो पासपोर्ट और वीजा की जांच कर रही हैं। पिछले अनुभव से सीख लेते हुए, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में किसी भी प्रकार के 'डिटेंशन सेंटर' (हिरासत केंद्र) बनाने की कोई योजना नहीं है, जिसका उद्देश्य निर्दोष कामगारों के मन से डर को दूर करना है।
पिछले साल जब इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, तो कई वैध भारतीय नागरिक, जो पश्चिम बंगाल या असम के सीमावर्ती जिलों से आकर गुरुग्राम में मजदूरी कर रहे थे, पुलिस की जांच के दायरे में आ गए थे। इससे बड़े पैमाने पर पलायन की स्थिति बन गई थी और औद्योगिक कार्यों में श्रम की कमी महसूस की गई थी। इस बार, पुलिस ने स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) और मकान मालिकों को निर्देश दिया है कि वे किराएदारों की जानकारी जमा करना सुनिश्चित करें। पुलिस का कहना है कि जो लोग वैध दस्तावेजों के बिना रह रहे पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारत में अवैध प्रवास का मुद्दा ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी विशेष रुचि का विषय रहा है। जिस प्रकार ऑस्ट्रेलिया में वीज़ा नियमों के उल्लंघन और अवैध प्रवास पर सख्त कानून हैं, उसी तरह भारत के प्रमुख शहरों में अब आंतरिक सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रवासी समुदायों के बीच यह चर्चा का विषय है कि सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। गुरुग्राम जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र में ऐसी कार्रवाई का प्रभाव विदेशी निवेश और वैश्विक छवि पर भी पड़ता है।
अंततः, प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति कानून की प्रक्रिया के तहत पंजीकृत हो। गुरुग्राम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यह अभियान आगामी कुछ हफ्तों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर की सुरक्षा संरचना को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
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