लाइव
राजनीति
राजनीति

गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व; जानें धार्मिक महत्व, पूजा विधि और ऑस्ट्रेलिया में उत्सव की झलक

ICN24 Newsroom 29 जुल॰ 2026, 10:36 am
गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व; जानें धार्मिक महत्व, पूजा विधि और ऑस्ट्रेलिया में उत्सव की झलक

गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। जानें इसका आध्यात्मिक महत्व, महर्षि वेदव्यास का संबंध और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के विशेष आयोजन।

भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः' के उद्घोष के साथ मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की नींव है। वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा का यह पावन अवसर आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जा रहा है। यह दिन शिष्यों के लिए अपने मार्गदर्शकों, शिक्षकों और आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे बड़ा अवसर होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' के रूप में भी जाना जाता है। इसी दिन महान ऋषि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने चारों वेदों का वर्गीकरण किया और महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना की। हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध और जैन धर्म में भी इस दिन का विशेष महत्व है। भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश इसी दिन सारनाथ में दिया था, वहीं जैन परंपरा में भगवान महावीर ने इसी दिन अपना पहला शिष्य बनाया था। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए गुरु पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। सिडनी, मेलबर्न, ब्रिसबेन और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों में एकत्रित होते हैं। यहाँ के प्रमुख मंदिरों, जैसे सिडनी का श्री स्वामीनारायण मंदिर या मेलबर्न का श्री शिरडी साईं बाबा मंदिर, में विशेष गुरु पूजन और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच, यह पर्व नई पीढ़ी को अपनी विरासत और नैतिकता की शिक्षा देने का एक सशक्त माध्यम बनता है। गुरु पूजन की विधि सरल किंतु भावपूर्ण है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। पूजा के स्थान पर गुरु की प्रतिमा या चित्र को स्थापित कर उन्हें फूल, माला और फल अर्पित किए जाते हैं। कई लोग इस दिन उपवास रखते हैं और अपने गुरु के चरणों का पूजन (पादपूजा) करते हैं। यदि गुरु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न हों, तो उनके चित्र या मानसिक रूप से उन्हें नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। गुरु मंत्र का जाप इस दिन अनंत फलदायी माना गया है। राजनैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी गुरु पूर्णिमा का महत्व निर्विवाद है। ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक ढांचे में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। कई बार स्थानीय सांसद और नेता भी इन कार्यक्रमों में शामिल होकर भारतीय समुदाय की आध्यात्मिक गहराई की सराहना करते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि बिना सही मार्गदर्शन के समाज और राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। अतः इस गुरु पूर्णिमा पर आइए हम अपने गुरुओं को नमन करें और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और धर्म के पथ पर चलने का संकल्प लें।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के सख्त वीजा नियमों से बदला रुख, भारतीय छात्रों की पसंद में अब ऑस्ट्रेलिया और यूरोप आगे
राजनीति

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के सख्त वीजा नियमों से बदला रुख, भारतीय छात्रों की पसंद में अब ऑस्ट्रेलिया और यूरोप आगे

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा वीजा नियमों में की गई सख्ती के बाद भारतीय छात्र अब पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों का रुख कर रहे हैं।

29 जुल॰ 2026, 12:36 pm
संसद की सुरक्षा सर्वोपरि: नीट प्रदर्शन पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- विरोध के नाम पर अराजकता मंजूर नहीं
राजनीति

संसद की सुरक्षा सर्वोपरि: नीट प्रदर्शन पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- विरोध के नाम पर अराजकता मंजूर नहीं

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार संसद जैसी 'संप्रभुता की सीट' को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देता है।

29 जुल॰ 2026, 11:36 am
ईरान के परमाणु खतरे पर डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: पश्चिम एशिया में अस्थिरता और भारत-ऑस्ट्रेलिया पर इसके प्रभाव
राजनीति

ईरान के परमाणु खतरे पर डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: पश्चिम एशिया में अस्थिरता और भारत-ऑस्ट्रेलिया पर इसके प्रभाव

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस कदम का वैश्विक सुरक्षा और भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।

29 जुल॰ 2026, 09:36 am