राजनीति
लेबनान: गेब्रान बासिल ने कहा— हिजबुल्ला की गलतियां इजराइल का साथ देने का आधार नहीं
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 10:31 pm

लेबनानी नेता गेब्रान बासिल ने कहा कि हिजबुल्ला की रणनीतिक गलतियों के बावजूद इजराइल का समर्थन करना अनुचित है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की वकालत की।
बेरुत: लेबनान के प्रमुख राजनीतिक दल 'फ्री पैट्रियोटिक मूवमेंट' के नेता गेब्रान बासिल ने देश की वर्तमान सुरक्षा स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। बासिल ने स्वीकार किया कि सशस्त्र समूह हिजबुल्ला ने हाल के समय में कई 'गलतियां' की हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इन गलतियों का इस्तेमाल इजराइल के साथ खड़े होने या उसके एजेंडे का समर्थन करने के लिए नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान को लेबनान के भीतर चल रहे गहरे राजनीतिक विभाजन और क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
बासिल ने एक सार्वजनिक संबोधन में कहा कि लेबनान की संप्रभुता सर्वोपरि है। उन्होंने तर्क दिया कि हिजबुल्ला द्वारा सीमा पार संघर्ष में शामिल होने के फैसलों से लेबनान को नुकसान हुआ हो सकता है, लेकिन बाहरी आक्रमण के समय आंतरिक मतभेदों को भुलाकर राष्ट्रहित में एकजुट होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों को किसी भी राजनीतिक असहमति के आधार पर जायज नहीं ठहराया जा सकता।
पूर्व मंत्री बासिल ने एक नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का प्रस्ताव रखा, जो पूरी तरह से राज्य और सरकार के अधिकार क्षेत्र में हो। उन्होंने कहा कि लेबनान को एक ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जहां सभी हथियारों पर राज्य का नियंत्रण हो और रक्षा संबंधी निर्णय केवल सरकार द्वारा लिए जाएं। बासिल के अनुसार, यह रणनीति विदेशी प्रभाव को कम करने और देश को गृहयुद्ध की स्थिति से बचाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लेबनान अपनी रक्षा प्रणाली को एकीकृत नहीं करता, तो वह क्षेत्रीय शक्तियों के हाथों का खिलौना बना रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और लेबनानी समुदायों के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लेबनानी मूल के लोग रहते हैं, जिनके व्यापारिक और पारिवारिक संबंध भारत-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के साथ गहरे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा नीतियों पर पड़ता है, जिससे भारतीय प्रवासियों की आर्थिक स्थिति और यात्रा योजनाएं प्रभावित होती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बासिल का यह रुख अपनी पार्टी की गिरती लोकप्रियता को बचाने और ईसाई मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश है कि वे हिजबुल्ला के कट्टर समर्थक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रवाद के समर्थक हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि लेबनान की आंतरिक समस्याओं का समाधान इजराइल की मदद से नहीं, बल्कि घरेलू संवाद और संवैधानिक सुधारों के माध्यम से ही संभव है। बासिल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करें और उसे क्षेत्रीय संघर्षों का अखाड़ा न बनने दें।
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