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वृंदावन पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पत्नी संग बांके बिहारी मंदिर में विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
ICN24 Newsroom 8 अग॰ 2026, 07:37 am

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ तीन दिवसीय ब्रज दौरे पर वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन पहुंचे। अपनी तीन दिवसीय ब्रज यात्रा के पहले दिन उन्होंने अपनी पत्नी और पूर्व प्रथम महिला सविता कोविंद के साथ विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह के समक्ष खड़े होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
पूर्व राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और उसके आसपास के इलाकों को वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने कोविंद दंपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें ठाकुर जी का प्रसादी अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। पूजा के दौरान पूर्व राष्ट्रपति काफी भावुक और शांत नजर आए, उन्होंने भक्ति भाव के साथ भगवान बांके बिहारी की आरती भी उतारी।
ब्रज क्षेत्र, विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन, न केवल भारत बल्कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी गहरा आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले हजारों श्रद्धालु हर साल इन तीर्थस्थलों की यात्रा करते हैं। पूर्व राष्ट्रपति की यह यात्रा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। रामनाथ कोविंद हमेशा से ही सादगी और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपने सम्मान के लिए जाने जाते रहे हैं, और उनके इस निजी दौरे ने एक बार फिर उनके व्यक्तित्व की इसी झलक को पेश किया है।
वृंदावन में दर्शन के उपरांत, पूर्व राष्ट्रपति का कार्यक्रम क्षेत्र के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जाने का भी है। ब्रज की भूमि पर उनका यह तीन दिवसीय प्रवास केवल एक निजी धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कोविंद अपनी यात्रा के दौरान कुछ समय ध्यान और स्वाध्याय में भी व्यतीत करेंगे।
गौरतलब है कि रामनाथ कोविंद ने 2017 से 2022 तक भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने देश की सांस्कृतिक एकता पर विशेष जोर दिया था। वृंदावन जैसे पावन स्थलों पर पूर्व राष्ट्रपतियों और शीर्ष नेताओं का आगमन यह संदेश देता है कि आधुनिकता के दौर में भी भारत की जड़ें अपनी प्राचीन परंपराओं में कितनी मजबूती से जमी हुई हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी पूर्व राष्ट्रपति की इस सादगीपूर्ण उपस्थिति की सराहना की है।
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