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फीफा वर्ल्ड कप: ईरान की टीम का मेक्सिको में डेरा, अमेरिका के सख्त वीजा नियमों ने बढ़ाई मुश्किलें
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 05:30 pm

ईरानी फुटबॉल टीम को अमेरिका के सख्त नियमों के कारण मेक्सिको में रुकना पड़ रहा है। खिलाड़ियों को केवल मैच के दिन ही अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी गई है।
फीफा विश्व कप 2026 के आगाज़ से पहले ही खेल के मैदान से इतर राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए अभूतपूर्व प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण मेक्सिको के सीमावर्ती शहर तिजुआना (Tijuana) में अपना बेस कैंप स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह स्थिति तब पैदा हुई है जब अमेरिका ने ईरानी खिलाड़ियों के लिए 'सिंगल-डे एंट्री' का सख्त फरमान जारी किया है।
नए नियमों के अनुसार, ईरानी खिलाड़ियों और स्टाफ को मैच वाले दिन ही अमेरिकी धरती पर कदम रखने की अनुमति होगी। मैच खत्म होते ही पूरी टीम को उसी रात वापस मेक्सिको लौटना होगा। उन्हें अमेरिका में रात बिताने की अनुमति नहीं दी गई है। मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफज़ल पसंदीदेह ने इस 'लॉजिस्टिक इमरजेंसी' की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल के लगभग 15 महत्वपूर्ण सदस्यों को अमेरिकी दूतावास ने वीजा देने से साफ इनकार कर दिया है। इसमें महासंघ के महासचिव हेदायत मोम्बेनी और उपाध्यक्ष मेहदी मोहम्मद नबी जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
ईरान के मुख्य कोच अमीर घलेनोई ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। मेक्सिको पहुंचने पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति को खिलाड़ियों के शारीरिक स्वास्थ्य और खेल भावना से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि 12 घंटे के समय के अंतर (Time Zone) के साथ तालमेल बिठाने के लिए टीम को कम से कम दो सप्ताह पहले पहुंचना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक देरी ने उनकी तैयारी को प्रभावित किया है। कोच ने इसे 'प्रतिशोध की भावना' से प्रेरित व्यवहार करार दिया है।
टीम के कप्तान एहसान हजसाफी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीम इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के खिलाफ फीफा के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी। ईरानी फुटबॉल महासंघ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका पर जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप लगाया है ताकि ईरानी एथलीटों को समान अवसर न मिल सकें।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय के खेल प्रेमियों के लिए यह खबर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस तरह ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन नीति खिलाड़ियों और आगंतुकों के लिए सख्त मानी जाती है, अमेरिका का यह कड़ा रुख वैश्विक खेल आयोजनों में राजनीति के हस्तक्षेप पर नई बहस छेड़ रहा है। ईरान को अपने ग्रुप-जी के मैचों के लिए बार-बार सीमा पार करनी होगी। वे 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेंगे, जिसके बाद 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ मुकाबला होगा।
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