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फीफा विश्व कप 2026: युद्ध की छाया और वीजा विवाद के बीच ईरान की टीम भावुक विदाई के साथ रवाना

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 09:00 am
फीफा विश्व कप 2026: युद्ध की छाया और वीजा विवाद के बीच ईरान की टीम भावुक विदाई के साथ रवाना

ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने तुर्की से मेक्सिको के लिए उड़ान भरी। कुरान को चूमकर और भावुक विदाई के साथ टीम ने विश्व कप के सफर की शुरुआत की, जबकि अमेरिका के साथ वीजा विवाद गहरा गया है।

ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम, जिसे 'टीम मेली' के नाम से जाना जाता है, ने 2026 फीफा विश्व कप के लिए अपने अभियान की शुरुआत अत्यंत भावुक माहौल में की है। तुर्की के अंताल्या से मेक्सिको के लिए प्रस्थान करते समय खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच भारी भावनाएं देखी गईं। प्रस्थान से पहले खिलाड़ियों को पारंपरिक रूप से कुरान को चूमते और साथी खिलाड़ियों को गले लगाते देखा गया। यह विदाई ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति बनी हुई है और ईरानी फुटबॉल फेडरेशन को अमेरिका के साथ वीजा संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ईरान की टीम ने मेक्सिको को अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण आधार (ट्रेनिंग बेस) बनाने का निर्णय लिया है। यहाँ से टीम आगामी टूर्नामेंट की तैयारी करेगी। हालांकि, इस खेल यात्रा पर कूटनीतिक विवाद का साया मंडरा रहा है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, फुटबॉल महासंघ के कई प्रतिनिधियों और सहायक कर्मचारियों को अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए वीजा प्राप्त नहीं हुआ है। चूंकि 2026 विश्व कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं, ऐसे में वीजा में देरी ईरान के लिए एक बड़ी प्रशासनिक बाधा बन गई है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए, जो खेल और राजनीति के अंतर्संबंधों को करीब से देखते हैं, यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में बसे खेल प्रेमियों के लिए फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और खेल संबंधों को देखते हुए, ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय में भी इस खबर को लेकर उत्सुकता है। विशेष रूप से उन प्रवासियों के लिए जो खुद वीजा प्रक्रियाओं की जटिलताओं से गुजरते हैं, ईरानी अधिकारियों के साथ हो रहा यह व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव का असर खेल के मैदान तक पहुँच रहा है। खिलाड़ियों ने हालांकि अपना ध्यान पूरी तरह खेल पर केंद्रित रखने का संकल्प लिया है। विदाई के समय की तस्वीरों में खिलाड़ियों की आंखों में आंसू और देश के प्रति समर्पण साफ दिखाई दे रहा था। टीम मेली के लिए यह विश्व कप न केवल अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मंच है, बल्कि युद्ध और कूटनीतिक अलगाव के बीच अपने देश का मान बढ़ाने का अवसर भी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या फीफा और अंतरराष्ट्रीय खेल निकाय इस वीजा विवाद में हस्तक्षेप करते हैं। फिलहाल, ईरानी टीम मेक्सिको में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि तेहरान में अधिकारी वाशिंगटन के साथ प्रशासनिक गतिरोध को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
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