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फीफा वर्ल्ड कप 2026: ईरान का अमेरिका पर फुटबॉल टीम के अधिकारियों को वीजा न देने का आरोप
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 03:30 am

ईरान ने अमेरिका पर आगामी फीफा विश्व कप से पहले अपनी फुटबॉल टीम के अधिकारियों को वीजा देने से इनकार करने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
ईरान के फुटबॉल महासंघ ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वाशिंगटन ने 2026 फीफा विश्व कप की तैयारियों के सिलसिले में टीम के प्रमुख अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब खेल जगत आगामी टूर्नामेंट के लिए मेजबान देशों—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—की ओर देख रहा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशासनिक बाधा के कारण टीम की तैयारियों और रसद प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, फुटबॉल महासंघ के कई वरिष्ठ सदस्यों और तकनीकी कर्मचारियों के वीजा आवेदन बिना किसी स्पष्ट कारण के खारिज कर दिए गए या लंबित रखे गए हैं। ईरान ने इसे खेल में राजनीति का हस्तक्षेप करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल निकाय, फीफा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। तेहरान का तर्क है कि मेजबान देशों की यह जिम्मेदारी है कि वे सभी प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश की अनुमति दें।
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों का विस्तार है। हालांकि दोनों देशों के बीच सीधे राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को अक्सर आपसी संवाद के एक अवसर के रूप में देखा जाता है। इस ताजा विवाद ने एक बार फिर खेल और कूटनीति के जटिल संबंधों को उजागर कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और ईरानी समुदायों के लिए यह खबर विशेष रुचि की है। ऑस्ट्रेलिया की एक बड़ी आबादी फुटबॉल की शौकीन है और यहाँ का प्रवासी समुदाय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों को बड़े उत्साह से देखता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में खेल प्रेमी अक्सर इन वैश्विक आयोजनों के दौरान एकजुट होते हैं। वीजा संबंधी ऐसी बाधाएं न केवल खिलाड़ियों को प्रभावित करती हैं, बल्कि उन प्रशंसकों की भावनाओं को भी आहत करती हैं जो अपनी टीमों का समर्थन करने के लिए दूर-दराज के देशों की यात्रा करते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने अब तक इस विशिष्ट मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन आमतौर पर सुरक्षा चिंताओं और आव्रजन कानूनों का हवाला दिया जाता है। फीफा के नियमों के अनुसार, मेजबान देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे प्रतिभागियों के लिए वीजा प्रक्रिया को सुगम बनाएंगे। यदि यह गतिरोध जारी रहता है, तो यह आगामी विश्व कप की खेल भावना पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
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