इमिकास्ट
फीफा विश्व कप 2026: ईरान, हैती और सेनेगल समेत कई देशों के प्रशंसकों को अमेरिका के कड़े वीजा नियमों का सामना
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 02:00 am

फीफा विश्व कप 2026 से पहले ईरान, हैती और आइवरी कोस्ट जैसे देशों के फुटबॉल प्रशंसकों को अमेरिकी वीजा मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2026 में आयोजित होने वाले फीफा विश्व कप की तैयारियों के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में वीजा प्रतिबंधों को लेकर चिंता गहराने लगी है। ईरान, हैती, सेनेगल और आइवरी कोस्ट जैसे देशों के हजारों फुटबॉल प्रशंसक, जो अपनी टीमों का उत्साह बढ़ाने के लिए उत्तरी अमेरिका जाने की योजना बना रहे थे, वर्तमान में अमेरिका की कड़ी आव्रजन नीतियों और वीजा अस्वीकृति का सामना कर रहे हैं।
हाल ही में आइवरी कोस्ट के राष्ट्रीय समर्थक समूह के अध्यक्ष जूलियन कुआदियो ने खुलासा किया कि उनके देश के स्थानीय प्रशंसकों को अमेरिकी वीजा देने से इनकार कर दिया गया है। कुआदियो के अनुसार, यह स्थिति न केवल प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, बल्कि यह खेल भावना के भी विपरीत है, जहां प्रशंसकों की उपस्थिति मैच के माहौल के लिए अनिवार्य होती है। इसी तरह की स्थिति सेनेगल और ईरान के समर्थकों के साथ भी बनी हुई है, जहां राजनीतिक तनाव और सुरक्षा संबंधी जांच वीजा प्रक्रिया में बड़ी बाधा बनकर उभरी है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे प्रवासी समुदायों के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और अन्य फुटबॉल प्रेमी अक्सर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं। हालांकि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए स्थिति उतनी जटिल नहीं है जितनी कि 'परामर्श सूची' वाले देशों के लिए, लेकिन फिर भी वीजा प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई फुटबॉल प्रशंसकों ने भी चिंता व्यक्त की है कि यदि अमेरिका ने अपनी वीजा प्रक्रियाओं को सरल नहीं किया, तो 2026 का विश्व कप केवल कुछ चुनिंदा देशों के नागरिकों तक ही सीमित रह जाएगा।
फीफा ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि वह मेजबान देशों (अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको) के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी योग्य प्रशंसकों को टूर्नामेंट के दौरान प्रवेश मिल सके। हालांकि, सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण पूरी तरह से व्यक्तिगत देशों के संप्रभु अधिकार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह विश्व कप के वैश्विक स्वरूप को प्रभावित कर सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की सख्त स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जिनके पास दोहरी नागरिकता है या जिन्होंने अतीत में प्रतिबंधित क्षेत्रों की यात्रा की है। खेल प्रेमियों के लिए यह समय सतर्क रहने और अपनी वीजा प्रक्रियाओं को महीनों पहले शुरू करने का है ताकि अंतिम समय की परेशानियों से बचा जा सके।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
वन नेशन का बड़ा वादा: ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों से 'वेलकम टू कंट्री' हटाने और देशभक्ति पर जोर देने की तैयारी
वन नेशन नेता पॉलीन हैनसन ने ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में देशभक्ति आधारित पाठ्यक्रम और 'वेलकम टू कंट्री' समारोहों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।
30 जुल॰ 2026, 07:45 am
इमिग्रेशन
विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी
भारतीय मूल के उद्यमी विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कर्रथा में एक नई तेल रिफाइनरी का प्रस्ताव दिया है।
29 जुल॰ 2026, 05:27 am
इमिग्रेशन
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।
17 जुल॰ 2026, 09:27 am
