राजनीति
डोनाल्ड ट्रंप ने साझा की बराक ओबामा की फर्जी तस्वीर, विमान पर 'अल्हम्दुलिल्लाह' और 'BLM' के आपत्तिजनक ग्रैफिटी
ICN24 Newsroom 6 जुल॰ 2026, 04:31 pm
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बराक ओबामा की एक कृत्रिम तस्वीर साझा की है, जिसमें विमान पर अरबी भाषा और ब्लैक लाइव्स मैटर के नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की एक फर्जी और छेड़छाड़ की गई तस्वीर साझा की है। इस डिजिटल रूप से निर्मित तस्वीर में ओबामा को एक ऐसे विमान के सामने खड़ा दिखाया गया है, जिस पर 'ब्लैक लाइव्स मैटर' (BLM) और अरबी भाषा में 'अल्हम्दुलिल्लाह' जैसे शब्द लिखे हुए हैं। यह घटना अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान दुष्प्रचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाती है।
इस वायरल तस्वीर में दिख रहे विमान पर स्प्रे-पेंट से की गई ग्रैफिटी दिखाई दे रही है, जो स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश लगती है। तस्वीर में विमान के पिछले हिस्से पर अरबी भाषा में 'अल्हम्दुलिल्लाह' लिखा है, जिसका अर्थ है 'ईश्वर का आभार'। इसके साथ ही विमान की बॉडी पर 'ब्लैक लाइव्स मैटर' के साथ-साथ अन्य ऐसे चिन्ह बने हुए हैं जो अक्सर दक्षिणपंथी राजनीति में विरोधियों को निशाना बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह से फर्जी है और इसे ओबामा की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य मतदाताओं के बीच ध्रुवीकरण करना और विशेष रूप से धार्मिक एवं नस्लीय भावनाओं को भड़काना है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में होने वाली राजनीतिक हलचल का सीधा असर वैश्विक लोकतंत्र और सोशल मीडिया के नियमों पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में भी चुनाव के दौरान 'डीपफेक' और गलत सूचनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो तकनीक और राजनीति में सक्रिय है, के लिए यह एक चेतावनी की तरह है कि डिजिटल सामग्री पर आँख मूंदकर विश्वास न किया जाए।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस तस्वीर को साझा किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और तथ्य-जांच करने वाली संस्थाओं ने तुरंत इसकी पुष्टि की। यह स्पष्ट पाया गया कि वास्तविक जीवन में ऐसा कोई दृश्य कभी घटित नहीं हुआ और न ही ओबामा के कार्यकाल में ऐसा कोई विमान मौजूद था। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप द्वारा ऐसी सामग्री का प्रचार करना अमेरिकी राजनीति में शिष्टाचार की गिरती सीमाओं को दर्शाता है।
तकनीकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे 2024 के अमेरिकी चुनाव नजदीक आ रहे हैं, एआई-जनित (AI-generated) फर्जी तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ आ सकती है। यह न केवल ओबामा जैसे सार्वजनिक व्यक्तियों के लिए खतरा है, बल्कि यह आम जनता की सत्य और असत्य के बीच फर्क करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब इन सामग्रियों को लेकर कड़े नियम बनाने का दबाव बढ़ रहा है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
विशेष साक्षात्कार: फिल्मकार नानी सहरा वॉकर ने 'शक्ति' और नेपाल के विवादित '35-दिवसीय कानून' पर तोड़ी चुप्पी
फिल्मकार नानी सहरा वॉकर ने अपनी फिल्म 'शक्ति' के माध्यम से नेपाल में यौन हिंसा के खिलाफ रिपोर्टिंग के लिए तय 35 दिनों की समय सीमा को चुनौती दी है।
6 जुल॰ 2026, 05:31 pm

राजनीति
यूरेनियम, एआई और रक्षा: पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्यों है अहम?
प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का उद्देश्य एक दशक पुराने यूरेनियम समझौते को धरातल पर उतारना और रक्षा व एआई के क्षेत्रों में सहयोग को नया आयाम देना है।
6 जुल॰ 2026, 03:31 pm

राजनीति
भोपाल की सियासी सुगबुगाहट: मुख्य सचिव की कुर्सी के लिए दिल्ली से शुरू हुई बड़ी घेराबंदी
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। दिल्ली में तैनात एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रभावशाली संपर्कों के जरिए राज्य के शीर्ष पद के लिए पैरवी कर रहे हैं।
6 जुल॰ 2026, 02:31 pm

