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अमेरिकी सीनेटर मार्कवेन मुलिन और मिकी शेरिल के बीच अप्रवासी हिरासत केंद्र को लेकर तीखी बहस

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 07:00 pm
अमेरिकी सीनेटर मार्कवेन मुलिन और मिकी शेरिल के बीच अप्रवासी हिरासत केंद्र को लेकर तीखी बहस

न्यू जर्सी के डेलाने हॉल हिरासत केंद्र को लेकर अमेरिकी राजनीति में घमासान तेज हो गया है, जहाँ सीनेटर मुलिन ने प्रतिनिधि शेरिल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।

संयुक्त राज्य अमेरिका में अप्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब सीनेटर मार्कवेन मुलिन ने न्यू जर्सी स्थित 'इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट' (ICE) के हिरासत केंद्र के बारे में प्रतिनिधि मिकी शेरिल के बयानों को कड़ी चुनौती दी। न्यू जर्सी का डेलाने हॉल केंद्र पिछले कई हफ्तों से चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ प्रवासियों की स्थिति और हिरासत की नीतियों को लेकर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है। हालिया घटनाक्रम में, सीनेटर मुलिन ने आरोप लगाया कि मिकी शेरिल केंद्र के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भ्रामक जानकारी फैला रही हैं। मुलिन का तर्क है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए, जबकि प्रदर्शनकारी और कुछ राजनेता व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। डेलाने हॉल के बाहर हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद राज्य पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और सुरक्षा घेरे बनाने पड़े। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से केंद्र में मुलाकातों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई थी। इस निर्णय की मिकी शेरिल ने आलोचना की थी, जिसे मुलिन ने 'तथ्यों से परे' बताया। मुलिन ने जोर देकर कहा कि केंद्र के भीतर अधिकारियों की सुरक्षा और बाहरी कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाना आवश्यक थे। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच की तीखी बहस अमेरिकी सदन में अप्रवासन नीति पर बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम प्रासंगिक है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की अपनी 'ऑफशोर प्रोसेसिंग' और हिरासत केंद्रों की नीति भी अक्सर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में रहती है। जिस तरह अमेरिका में हिरासत केंद्रों की स्थिति पर राजनीतिक रस्साकशी हो रही है, उसी तरह ऑस्ट्रेलिया में भी शरण चाहने वालों (Asylum Seekers) की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर सख्त कानून लागू हैं। भारतीय मूल के प्रवासी जो अंतरराष्ट्रीय नीतियों और कानून प्रवर्तन में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह अमेरिकी घटनाक्रम नीतिगत बदलावों का संकेत हो सकता है। वर्तमान में डेलाने हॉल में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। स्थानीय पुलिस और संघीय अधिकारियों ने इलाके में अपनी गश्त बढ़ा दी है। सीनेटर मुलिन के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि वे सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। दूसरी ओर, नागरिक अधिकार समूहों का कहना है कि पारदर्शिता की कमी के कारण इस तरह के विवाद उत्पन्न हो रहे हैं।
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