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डेटाब्रिक्स और लिनक्स फाउंडेशन ने एआई डेटा शेयरिंग के लिए वैश्विक मानक 'OpenSharing' किया लॉन्च
ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 07:00 pm

डेटाब्रिक्स और लिनक्स फाउंडेशन ने ओपनशेयरिंग मानक पेश किया है, जिससे व्यवसायों के लिए विभिन्न क्लाउड प्लेटफॉर्म पर एआई मॉडल और डेटा साझा करना आसान हो जाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़े तकनीकी बदलाव के तहत, डेटा और एआई दिग्गज डेटाब्रिक्स (Databricks) ने लिनक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर 'OpenSharing' नामक एक नए ओपन-सोर्स मानक की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य व्यवसायों के लिए अलग-अलग क्लाउड और ऑन-प्रिमाइसेस सिस्टम के बीच एआई मॉडल और अनस्ट्रक्चर्ड डेटा को साझा करना सरल बनाना है।
वर्तमान में, कंपनियों को विभिन्न क्लाउड प्रदाताओं के बीच डेटा ले जाने के लिए जटिल और महंगे कस्टम इंटीग्रेशन की आवश्यकता होती है। ओपनशेयरिंग इस बाधा को दूर करने का वादा करता है, जिससे डेटा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को बिना किसी तकनीकी रुकावट के सूचनाओं का आदान-प्रदान करने की अनुमति मिलेगी। यह मानक डेल्टा शेयरिंग प्रोटोकॉल पर आधारित है, जो पहले से ही उद्योग में काफी लोकप्रिय है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई तकनीकी समुदाय और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में काम करने वाले कई भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेटा आर्किटेक्ट्स अक्सर मल्टी-क्लाउड वातावरण में काम करते हैं। इस नए मानक के आने से उनके प्रोजेक्ट्स में लगने वाला समय कम होगा और जटिलता घटेगी। ऑस्ट्रेलिया में तेजी से बढ़ रहे एआई स्टार्टअप्स, जो भारतीय प्रतिभाओं पर निर्भर हैं, अब वैश्विक स्तर पर अपने एआई मॉडल को अधिक कुशलता से साझा कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एआई के लोकतांत्रीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। लिनक्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी यह सुनिश्चित करती है कि यह मानक किसी एक कंपनी के नियंत्रण में नहीं रहेगा, बल्कि पूरे समुदाय के लिए खुला होगा। यह विशेष रूप से उन छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों (SMEs) के लिए फायदेमंद है जिनके पास भारी-भरकम बुनियादी ढांचे के प्रबंधन के लिए संसाधनों की कमी है।
आने वाले महीनों में, डेटाब्रिक्स और लिनक्स फाउंडेशन इस मानक को और अधिक व्यापक बनाने के लिए अन्य प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग करेंगे। इस पहल से न केवल डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के मानकों में सुधार होगा, बल्कि यह भविष्य के एआई विकास के लिए एक पारदर्शी और सुलभ ढांचा भी प्रदान करेगा। सिडनी में स्थित टेक कंसल्टेंट्स का कहना है कि यह 'वेंडर लॉक-इन' की समस्या को खत्म करने की दिशा में एक साहसी कदम है।
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