राजनीति
आज का पंचांग 10 जुलाई 2026: योगिनी एकादशी व्रत का महत्व और पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त
ICN24 Newsroom 10 जुल॰ 2026, 10:31 am
10 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें योगिनी एकादशी व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की इस तिथि को मुख्य रूप से योगिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है और योगिनी एकादशी को समस्त पापों के निवारण और शारीरिक कष्टों से मुक्ति प्रदान करने वाला माना गया है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ सहित ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में बसे भारतीय समुदाय के लिए स्थानीय समयानुसार पूजा के समय में सूक्ष्म अंतर हो सकता है, लेकिन इस दिन का आध्यात्मिक महत्व हर जगह समान रहता है।
पंचांग के तकनीकी विवरणों की बात करें तो 10 जुलाई 2026 को आषाढ़ कृष्ण षष्ठी तिथि दोपहर 01:47 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य उत्तरायण की स्थिति में रहेंगे और वर्षा ऋतु का प्रभाव रहेगा। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासियों के लिए यह समय कड़कड़ाती सर्दियों का होता है, फिर भी भारतीय पंचांग के अनुसार गणनाएं वैदिक परंपराओं का पालन करती हैं।
नक्षत्र और योग की बात करें तो इस दिन पूर्व भाद्रपद नक्षत्र सायं 04:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। शुभ कार्यों के लिए योगों का विशेष महत्व होता है; इस दिन 'सौभाग्य' योग दोपहर 03:51 बजे तक रहेगा, जिसके बाद 'शोभन' योग का आरंभ होगा। ये दोनों ही योग सकारात्मक ऊर्जा और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। चंद्रमा प्रातः 09:57 बजे तक कुंभ राशि में संचरण करेंगे और उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना का विशेष विधान है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे प्रातः काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और श्री हरि की प्रतिमा को पीले फूलों, फलों और अक्षत से सुसज्जित करें। ऑस्ट्रेलिया में व्यस्त जीवनशैली के बावजूद, सामुदायिक केंद्रों और मंदिरों में इस दिन विशेष सत्संग और भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।
प्रवासी भारतीयों के लिए पंचांग का पालन करना उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का एक माध्यम है। 10 जुलाई को बनने वाले ग्रहों के संयोग स्वास्थ्य और समृद्धि के दृष्टिकोण से अनुकूल हैं। इस दिन विशेष रूप से दान-पुण्य करने और सात्विक भोजन ग्रहण करने की सलाह दी जाती है। पंचांग की गणनाओं का उपयोग करके भक्त अपने दिन की योजना बना सकते हैं ताकि वे अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों को आधुनिक जीवन के साथ संतुलित कर सकें।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
जन्मदिन पर मातम: झुंझुनूं के कुलदीप की दर्दनाक मौत, जिस दिन कटना था केक उसी दिन उठी अर्थी
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 28 वर्षीय कुलदीप दिवाच की अपने जन्मदिन के दिन ही एक सड़क हादसे में मौत हो गई।
10 जुल॰ 2026, 11:31 am
राजनीति
ट्रंप ने नेतन्याहू को खाड़ी में अमेरिकी सैन्य अभियानों की दी जानकारी; मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर हुई चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और रणनीति की जानकारी साझा की है।
10 जुल॰ 2026, 09:31 am

राजनीति
भदोही: डीएम ने चार विक्रय विलेखों का किया औचक निरीक्षण, रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
भदोही के जिलाधिकारी ने रजिस्ट्री कार्यालय में चार विक्रय विलेखों की गहन जांच की, जिसका उद्देश्य राजस्व चोरी रोकना और भूमि पंजीकरण में पारदर्शिता लाना है।
10 जुल॰ 2026, 08:31 am

