ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
दा पाओलो का नया सफर: कम आउटलेट्स और नई सोच के साथ डाइनिंग के बदलते स्वरूप पर जोर
ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 09:37 am

सिंगापुर के प्रसिद्ध खाद्य एवं पेय समूह दा पाओलो ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। सीईओ गिलाउम पिचौयर अब विस्तार के बजाय गुणवत्ता और ग्राहकों की बदलती पसंद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सिंगापुर के प्रतिष्ठित खाद्य एवं पेय (F&B) परिदृश्य में 37 वर्षों से अपनी पहचान बनाए रखने वाले 'दा पाओलो' समूह ने अपने विकास के अगले चरण की घोषणा की है। समूह के सीईओ गिलाउम पिचौयर ने संकेत दिया है कि अब कंपनी अंधाधुंध विस्तार के बजाय अधिक चयनात्मक और गुणवत्ता-आधारित रणनीति अपनाएगी। यह निर्णय महामारी के बाद डाइनिंग की आदतों में आए बदलाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए लिया गया है।
दा पाओलो, जो अपनी इतालवी जड़ों और प्रामाणिक स्वादों के लिए जाना जाता है, अब 'Tutto' जैसे नए कॉन्सेप्ट्स के माध्यम से खुद को पुनर्जीवित कर रहा है। पिचौयर का मानना है कि आज का ग्राहक केवल भोजन के लिए बाहर नहीं निकलता, बल्कि वह एक विशिष्ट अनुभव की तलाश में होता है। यही कारण है कि समूह ने अपने आउटलेट्स की संख्या कम करने और मौजूदा स्थानों पर अनुभव को और अधिक बेहतर बनाने का फैसला किया है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है, क्योंकि मेलबर्न, सिडनी और ब्रिसबेन जैसे शहरों में भारतीय मूल के उद्यमी तेजी से हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में अपनी पकड़ बना रहे हैं। दा पाओलो की यह कहानी दिखाती है कि कैसे लंबे समय से स्थापित ब्रांड भी समय के साथ खुद को ढालते हैं। ऑस्ट्रेलिया के डाइनिंग मार्केट में भी अब 'फाइन डाइनिंग' के बजाय 'एक्सप्रेसिव' और 'कैजुअल डाइनिंग' का चलन बढ़ रहा है, जहाँ गुणवत्ता से समझौता किए बिना सुविधा को प्राथमिकता दी जाती है।
सीईओ पिचौयर के अनुसार, पिछले तीन दशकों में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन महामारी ने व्यापार करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब रणनीति 'कम लेकिन बेहतर' (fewer but better) की है। इसका मतलब है कि ऐसे स्थानों पर निवेश करना जहाँ फुटफॉल अधिक हो और जहाँ ब्रांड अपनी कहानी को प्रभावी ढंग से कह सके। नया कॉन्सेप्ट 'Tutto' इसी दिशा में एक कदम है, जो आधुनिक डाइनर्स की जरूरतों को पूरा करता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के बीच भी डाइनिंग आउट एक बड़ी सामाजिक गतिविधि है। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए अब केवल अच्छा खाना ही काफी नहीं है, बल्कि डेटा और ग्राहकों की प्रतिक्रिया (feedback) के आधार पर बदलाव करना अनिवार्य हो गया है। दा पाओलो का यह मॉडल उन उभरते भारतीय उद्यमियों के लिए एक केस स्टडी हो सकता है जो ऑस्ट्रेलिया के प्रतिस्पर्धी खाद्य बाजार में अपना स्थान बनाना चाहते हैं।
अंततः, दा पाओलो का यह नया अध्याय इस बात का प्रमाण है कि व्यापार में लचीलापन और नवाचार ही सफलता की कुंजी है। बदलते वैश्विक माहौल में, जहाँ लागत बढ़ रही है और ग्राहकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं, एक 'शार्प' और केंद्रित दृष्टिकोण ही किसी भी ब्रांड को लंबी रेस का घोड़ा बना सकता है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
बेंगलुरु: डिलीवरी एजेंटों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बैयप्पनहल्ली में तीन आरोपी गिरफ्तार
बेंगलुरु की बैयप्पनहल्ली पुलिस ने डिलीवरी बॉयज से लूटपाट करने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देर रात काम करने वाले एजेंटों को सुनसान इलाकों में अपना शिकार बनाता था।
6 अग॰ 2026, 09:38 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
गाजियाबाद: पक्की दुकान दिलाने के नाम पर व्यापारी से सात लाख की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
गाजियाबाद के मोदीनगर में एक व्यापारी को व्यापारिक दुकान दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
6 अग॰ 2026, 08:37 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पास; अब शीर्ष अदालत में होंगे 38 न्यायाधीश
राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के लिए संशोधन विधेयक पारित किया, जबकि विपक्ष ने अनुच्छेद 370 पर चर्चा न होने के विरोध में वॉकआउट किया।
6 अग॰ 2026, 07:37 am

