लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

तृणमूल कांग्रेस में बड़ी बगावत: 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मांगी 'असली TMC' के रूप में मान्यता

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 02:01 pm
तृणमूल कांग्रेस में बड़ी बगावत: 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मांगी 'असली TMC' के रूप में मान्यता

तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह गहरा गई है। 19 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर खुद को असली टीएमसी घोषित करने की मांग की है।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के 19 बागी सांसदों के एक समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने का समय मांगा है। इन सांसदों का दावा है कि वे ही 'असली' तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें सदन में आधिकारिक मान्यता दी जानी चाहिए। यह कदम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। बागी गुट का तर्क है कि पार्टी के भीतर सांगठनिक लोकतंत्र खत्म हो गया है और निर्णय लेने की प्रक्रिया कुछ ही हाथों में सिमट कर रह गई है। इन सांसदों का कहना है कि उनके पास आवश्यक संख्या बल है, जो दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्यता से बचने के लिए पर्याप्त हो सकता है। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि 'असली' पार्टी का दर्जा प्राप्त करना इतना सरल नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए निर्वाचन आयोग के नियमों और विधायी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। इस संकट का असर केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर बंगाली प्रवासियों के बीच भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय, जो बंगाल की राजनीति पर करीब से नजर रखते हैं, इस घटनाक्रम को राज्य के भविष्य के लिए चिंताजनक मान रहे हैं। कई प्रवासियों का मानना है कि राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर राज्य के विकास कार्यों और विदेशी निवेश पर पड़ सकता है, जिससे वहां रह रहे उनके परिवारों का भविष्य भी प्रभावित होता है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने फिलहाल इस बगावत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। टीएमसी के आधिकारिक प्रवक्ताओं का कहना है कि यह भाजपा द्वारा प्रायोजित एक साजिश है ताकि पार्टी को कमजोर किया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी एकजुट रहेगी और बागी सांसदों को जनता की अदालत में जवाब देना होगा। आने वाले दिन न केवल तृणमूल कांग्रेस के लिए बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए भी निर्णायक साबित होने वाले हैं। अब सबकी निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या वे इस नए गुट को मान्यता देते हैं या नहीं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
राजनीति

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'

पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।

20 जून 2026, 08:41 pm
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
राजनीति

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

20 जून 2026, 07:11 pm
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
राजनीति

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।

20 जून 2026, 05:56 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate