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'पुनर्जनी' मामले में सतीशन को मिली 'क्लीन चिट' को चुनौती देगी माकपा; केरल में बड़े आंदोलन की तैयारी

ICN24 Newsroom 31 जुल॰ 2026, 07:36 pm
'पुनर्जनी' मामले में सतीशन को मिली 'क्लीन चिट' को चुनौती देगी माकपा; केरल में बड़े आंदोलन की तैयारी

माकपा ने केरल के विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन को 'पुनर्जनी' विदेशी फंडिंग मामले में मिली क्लीन चिट के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक मोर्चा खोलने का फैसला किया है।

केरल की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य के विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन को 'पुनर्जनी' प्रोजेक्ट से जुड़े विदेशी फंडिंग मामले में मिली 'क्लीन चिट' को चुनौती देने का निर्णय लिया है। पार्टी का मानना है कि इस मामले की जांच को बंद करने का सरकार का फैसला न केवल प्रक्रियात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह सत्ता का दुरुपयोग भी है। माकपा ने इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, जिससे राज्य में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं। यह पूरा विवाद 2018 में केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शुरू हुए 'पुनर्जनी' प्रोजेक्ट से जुड़ा है। आरोप है कि वी.डी. सतीशन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र परवूर में बाढ़ पीड़ितों के लिए घर बनाने के नाम पर विदेशों से अवैध रूप से धन जुटाया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस धन संग्रह में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के नियमों का उल्लंघन किया गया था। शुरुआत में विजिलेंस विभाग ने इस मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन हाल ही में सरकार ने साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए इस जांच को समाप्त करने का निर्णय लिया। माकपा के राज्य नेतृत्व का तर्क है कि सतीशन के खिलाफ पर्याप्त आधार होने के बावजूद जांच को बीच में ही रोक दिया गया। पार्टी सचिव एम.वी. गोविंदन ने स्पष्ट किया है कि माकपा इस मामले को केवल कानूनी रूप से ही नहीं, बल्कि जनता की अदालत में भी ले जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता है, जिसके तहत विपक्षी नेताओं को बचाया जा रहा है। पार्टी ने इस मुद्दे पर ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेष रूप से केरल मूल के लोगों (मलयाली समुदाय) के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। 2018 की बाढ़ के दौरान ऑस्ट्रेलिया में बसे मलयाली समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर राहत कार्यों में योगदान दिया था। ऐसे में विदेशी फंडिंग और राहत कार्यों में पारदर्शिता का मुद्दा प्रवासियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई प्रवासी संगठन इस बात पर नजर रखते हैं कि उनके द्वारा भेजी गई सहायता का उपयोग सही और कानूनी तरीके से हो रहा है या नहीं। दूसरी ओर, वी.डी. सतीशन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि यह उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि पुनर्जनी प्रोजेक्ट पूरी तरह से पारदर्शी था और इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। कांग्रेस नेतृत्व ने भी सतीशन का बचाव करते हुए माकपा पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। आने वाले दिनों में यह मामला अदालत की चौखट तक पहुंच सकता है, जिससे केरल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
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