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जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का बड़ा प्रदर्शन, शिक्षा सुधारों को लेकर अभिजीत दीपके ने भरी हुंकार

ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 06:30 pm
जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का बड़ा प्रदर्शन, शिक्षा सुधारों को लेकर अभिजीत दीपके ने भरी हुंकार

अभिजीत दीपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर चर्चित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले आज शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की मांग को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी के संस्थापक और प्रमुख चेहरा, अभिजीत दीपके शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे, जहां उनके समर्थन में भारी भीड़ उमड़ी। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात इसकी अनूठी शैली रही। दीपके ने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे प्रदर्शन स्थल पर किसी भी प्रकार के हिंसक साधनों के बजाय अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' और 'किताबें' लेकर आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल विरोध के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य यानी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए है। दीपके ने जंतर-मंतर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच, दीपके ने एक गांधीवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फूल देने का आग्रह किया। उनका तर्क था कि पुलिस प्रशासन केवल अपना कर्तव्य निभा रहा है और यह लड़ाई व्यवस्था के खिलाफ है, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं। इस व्यवहार ने वहां मौजूद सुरक्षाबलों और आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा। शिक्षा प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों, बढ़ती फीस और परीक्षाओं के संचालन में हो रही धांधलियों को इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा बनाया गया। कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि वर्तमान ढांचा छात्रों के मानसिक विकास के बजाय उन्हें केवल रटने वाली मशीन बना रहा है। समर्थकों का कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर भारत की शिक्षा व्यवस्था और वहां से आने वाले छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। सिडनी स्थित शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में यदि जमीनी स्तर पर शिक्षा में सुधार होता है, तो इससे न केवल भारत का भला होगा बल्कि विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए आने वाले छात्रों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। जंतर-मंतर पर उमड़ी यह भीड़ इस बात का संकेत है कि अब युवा पीढ़ी नीतिगत बदलावों के लिए सड़कों पर उतरने से नहीं कतरा रही है।
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