राजनीति
दिल्ली: जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का बड़ा प्रदर्शन, संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में उमड़ी भीड़
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 07:30 pm

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थकों के बीच संस्थापक अभिजीत दीपके भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर सोमवार को नारों और विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठा। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य वर्तमान प्रशासनिक नीतियों के प्रति असंतोष व्यक्त करना और शिक्षा मंत्रालय सहित केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के समक्ष अपनी मांगों को रखना था।
आंदोलन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और आम आदमी के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित कर रही हैं और सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी। भीड़ का आकार और जोश पार्टी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत दे रहा है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में कड़े इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने की भी कोशिश की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि वे बुनियादी सुधारों और जवाबदेही की मांग को लेकर यहां आए हैं। सीजेपी का यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। विदेश में रह रहे भारतीय मूल के लोग अक्सर भारत की जमीनी राजनीति और नए उभरते राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासी समूहों के बीच अक्सर भारत की शिक्षा नीति और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होती रहती है। सोशल मीडिया के माध्यम से सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासियों ने भी इस विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
फिलहाल, जंतर-मंतर पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सीजेपी के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाएंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस नए राजनीतिक दबाव पर क्या रुख अपनाती है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
स्टालिन के बयान पर भड़कीं दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियां, खुशबू सुंदर ने की तृषा से माफी की मांग
उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों पर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में भारी आक्रोश है। खुशबू सुंदर सहित कई अभिनेत्रियों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया है।
4 अग॰ 2026, 09:37 pm

राजनीति
चाबहार बंदरगाह पर मंडराते संकट के बादल: क्या भारत सुरक्षित रख पाएगा अपना रणनीतिक व्यापार मार्ग?
ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत का निवेश अब अमेरिकी प्रतिबंधों और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण खतरे में है। जानें यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।
4 अग॰ 2026, 08:38 pm

राजनीति
यूपी चुनाव 2027: 'सपा की साइकिल सैफई लौट जाएगी', डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का भाजपा की जीत को लेकर बड़ा दावा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए हुंकार भरते हुए भाजपा की तीसरी बार सत्ता में वापसी का दावा किया है।
4 अग॰ 2026, 08:37 pm

