इमिकास्ट
कनाडा: सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर हमला करने वाले आरोपी का दावा, 'भारत लौटा तो बिश्नोई गैंग मार डालेगा'
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 11:01 am
पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के कनाडा स्थित घर पर गोलीबारी करने वाले भारतीय नागरिक अभिजीत सिंह किंगरा ने कनाडाई आव्रजन अधिकारियों के सामने सुरक्षा की गुहार लगाई है।
कनाडा में लोकप्रिय पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के आवास पर गोलीबारी करने के मामले में दोषी ठहराए गए भारतीय नागरिक अभिजीत सिंह किंगरा ने एक नया मोड़ ला दिया है। किंगरा ने कनाडा के आव्रजन अधिकारियों (Canada Immigration) के समक्ष दावा किया है कि यदि उसे भारत वापस भेजा गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह उसकी हत्या कर देगा। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कनाडा सरकार उसकी नागरिकता की स्थिति और संभावित निर्वासन (deportation) पर विचार कर रही है।
सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के विक्टोरिया क्षेत्र में एपी ढिल्लों के घर पर हुई गोलीबारी ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं। इस हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह ने ली थी। जांच के बाद अभिजीत सिंह किंगरा को इस हमले और जबरन वसूली के प्रयासों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया और बाद में दोषी पाया गया। अब अपनी सजा और संभावित निर्वासन का सामना करते हुए, किंगरा ने दावा किया है कि वह खुद बिश्नोई गैंग के निशाने पर है।
किंगरा ने अपनी गवाही में कहा कि उसे गिरोह द्वारा डरा-धमकाकर इस हमले को अंजाम देने के लिए मजबूर किया गया था। उसने आव्रजन बोर्ड को बताया कि भारत लौटने पर उसे न केवल पुलिस की कार्रवाई बल्कि गैंगस्टरों के घातक प्रतिशोध का भी सामना करना पड़ेगा। यह तर्क अक्सर उन अपराधियों द्वारा दिया जाता है जो कनाडा की शरणार्थी सुरक्षा प्रणाली (refugee protection system) का लाभ उठाकर निर्वासन से बचना चाहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में भी भारतीय मूल के व्यवसायियों को विदेशी गिरोहों से जबरन वसूली की धमकियां मिलने की खबरें आई हैं। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां भी इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और उनके स्थानीय कनेक्शनों पर बारीकी से नजर रख रही हैं। बिश्नोई गिरोह की सक्रियता भारत से बाहर कनाडा, अमेरिका और अब ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा परिदृश्य के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
फिलहाल, कनाडाई आव्रजन अधिकारियों ने किंगरा के दावे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। कनाडाई कानून के तहत, किसी व्यक्ति को ऐसे देश में वापस नहीं भेजा जा सकता जहाँ उसकी जान को स्पष्ट खतरा हो, भले ही उसने अपराध किया हो। हालांकि, अधिकारियों को यह तय करना होगा कि किंगरा का दावा वास्तविक है या यह केवल निर्वासन से बचने की एक कानूनी चाल है। एपी ढिल्लों ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कनाडाई पुलिस अलर्ट पर है।
संबंधित ख़बरें

इमिग्रेशन
अमेरिका का नया वीजा नियम: भारतीय छात्रों के प्रवास पर लग सकती है समय सीमा
व्हाइट हाउस ने एक नए आव्रजन नियम को मंजूरी दी है जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' की सुविधा को खत्म कर समय-समय पर वीजा विस्तार अनिवार्य बना सकता है।
21 जून 2026, 02:11 am

इमिग्रेशन
मोदी सरकार की विदेश नीति केवल ‘पीआर’ केंद्रित, राष्ट्रीय हितों से समझौता: कांग्रेस
कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए इसे ‘पीआर-फर्स्ट’ बताया है और अमेरिका के साथ संबंधों में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल उठाए हैं।
21 जून 2026, 01:57 am

इमिग्रेशन
अमेरिकी वीजा बुलेटिन जुलाई: भारतीय नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड की राह हुई और कठिन
जुलाई 2024 के अमेरिकी वीजा बुलेटिन ने भारतीय आवेदकों की चिंता बढ़ा दी है। EB-2 श्रेणी में ठहराव और EB-5 के अनुपलब्ध होने से ग्रीन कार्ड का इंतजार और लंबा हो गया है।
21 जून 2026, 01:41 am

