राजनीति
दिल्ली नगर निगम: भाजपा की सत्या शर्मा ने स्थायी समिति अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन
ICN24 Newsroom 22 जुल॰ 2026, 07:35 am

भाजपा पार्षद सत्या शर्मा और सत्यपाल सिंह ने दिल्ली नगर निगम की शक्तिशाली स्थायी समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है।
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में सत्ता के केंद्र मानी जाने वाली स्थायी समिति के चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण समिति के नेतृत्व के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम आगे बढ़ाए। गौतमपुरी वार्ड से पार्षद सत्या शर्मा ने अध्यक्ष पद के लिए, जबकि करावल नगर वार्ड से पार्षद सत्यपाल सिंह ने उपाध्यक्ष पद के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
सत्या शर्मा वर्तमान में भी इस समिति की कमान संभाल रही हैं और पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। नामांकन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और नगर निगम के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। दिल्ली नगर निगम की संरचना में स्थायी समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि निगम के अधिकांश वित्तीय प्रस्तावों और विकास परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी इसी समिति से प्राप्त होती है। इसे निगम की 'रीढ़ की हड्डी' भी कहा जाता है।
दिल्ली नगर निगम में पिछले काफी समय से आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है। स्थायी समिति का गठन और इसके पदाधिकारियों का चुनाव महीनों से कानूनी और राजनीतिक पेचीदगियों में फंसा हुआ था। भाजपा द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के बाद अब सबकी नजरें सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के रुख पर टिकी हैं। चूंकि स्थायी समिति के पास वित्तीय अधिकार होते हैं, इसलिए कोई भी दल इस पर अपना नियंत्रण खोना नहीं चाहता।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के परिणाम दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के भविष्य को तय करेंगे। कूड़ा प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत और प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सीधे तौर पर निगम के प्रशासन से जुड़े होते हैं। दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों के साथ-साथ विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भी यह खबर मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के कई लोग, जिनकी जड़ें या संपत्ति दिल्ली में हैं, वे शहर के प्रशासनिक विकास पर बारीकी से नजर रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह चुनाव केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह दिल्ली में भाजपा और आप के बीच शक्ति संतुलन का लिटमस टेस्ट भी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि स्थायी समिति की बागडोर किसके हाथ में रहती है और क्या निगम की रुकी हुई फाइलें अब आगे बढ़ पाएंगी।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौता: दशकों लंबी साझेदारी की नींव
अमेरिका और सऊदी अरब ने एक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के ऊर्जा सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
23 जुल॰ 2026, 09:35 am

राजनीति
उत्तर प्रदेश की सियासत में उबाल: 'पुलिस नहीं, गुंडों ने चलाई लाठियां', केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने बढ़ाई हलचल
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया बयान ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
23 जुल॰ 2026, 08:35 am

राजनीति
जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा बंद होने से मचा हड़कंप, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आशंका: कॉजपा
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का डर पैदा हो गया है।
23 जुल॰ 2026, 07:35 am
