लाइव
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया

'काम पर वापसी': गैंबलिंग और NDIS सुधारों पर कानून बनाने की तैयारी में लेबर सरकार

ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 05:37 am
'काम पर वापसी': गैंबलिंग और NDIS सुधारों पर कानून बनाने की तैयारी में लेबर सरकार

ऑस्ट्रेलियाई संघीय संसद के नए सत्र की शुरुआत के साथ ही लेबर सरकार एनडीआईएस (NDIS) और जुए से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने जा रही है, जिससे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय भी प्रभावित होगा।

कैनबरा: ऑस्ट्रेलियाई संघीय संसद एक बार फिर अपने विधायी कार्यों के लिए तैयार है। इस सत्र में लेबर सरकार का मुख्य ध्यान नेशनल डिसेबिलिटी इंश्योरेंस स्कीम (NDIS) में बड़े बदलावों और जुए (gambling) से जुड़े कानूनों को सख्त बनाने पर केंद्रित है। सत्तारूढ़ लेबर पार्टी और विपक्षी गठबंधन (Coalition) के बीच हाल ही में हुए समझौतों के बाद इन विवादित विधेयकों के पारित होने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीज़ की सरकार के लिए यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का तर्क है कि एनडीआईएस की वर्तमान व्यवस्था आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं है और इसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता है। प्रस्तावित परिवर्तनों के तहत, एनडीआईएस के खर्च में होने वाली बेतहाशा वृद्धि को रोकने के लिए बजट की सीमाएं तय की जाएंगी और 'एनडीआईएस सहायता' की परिभाषा को और अधिक स्पष्ट किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फंड वास्तव में उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए ये बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। ऑस्ट्रेलिया में स्वास्थ्य और देखभाल (care industry) के क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के पेशेवर और श्रमिक कार्यरत हैं। एनडीआईएस में होने वाले संरचनात्मक बदलाव इन सेवा प्रदाताओं और कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली को सीधे प्रभावित करेंगे। इसके अलावा, कई भारतीय परिवार अपनी विशेष जरूरतों के लिए इस योजना पर निर्भर हैं, जिनके लिए पात्रता नियमों में बदलाव चिंता का विषय हो सकते हैं। जुए से जुड़े कानूनों की बात करें तो, सरकार क्रेडिट कार्ड के जरिए जुआ खेलने पर प्रतिबंध लगाने और विज्ञापनों पर नकेल कसने की तैयारी में है। प्रवासी समुदायों में जुए की लत एक गंभीर सामाजिक समस्या के रूप में उभरी है, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भारतीय समुदाय के नेताओं ने इन सुधारों का स्वागत किया है, क्योंकि यह परिवारों को वित्तीय बर्बादी से बचाने में मदद करेगा। जुए के विज्ञापनों पर नियंत्रण से बच्चों और युवाओं पर पड़ने वाले इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, मीडिया फंडिंग और स्थानीय पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए भी संसद में चर्चा होने की उम्मीद है। लेबर और विपक्षी दलों के बीच हुए समझौते यह दर्शाते हैं कि देश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए कड़े फैसले लेना अब सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कुछ स्वतंत्र सांसदों ने एनडीआईएस में कटौती को लेकर चिंता व्यक्त की है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह योजना को बचाने का एकमात्र तरीका है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन सुधारों को जमीन पर कैसे उतारा जाता है। भारतीय प्रवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे इन नीतिगत बदलावों से अपडेट रहें, क्योंकि इसका सीधा असर उनके रोजगार और मिलने वाली सरकारी सहायता पर पड़ेगा। संघीय संसद का यह सत्र ऑस्ट्रेलिया की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

ऑस्ट्रेलियाई संसद का नया सत्र: महंगाई, आवास और आव्रजन पर छिड़ेगी बहस, प्रवासी भारतीयों की टिकी नज़रें
ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलियाई संसद का नया सत्र: महंगाई, आवास और आव्रजन पर छिड़ेगी बहस, प्रवासी भारतीयों की टिकी नज़रें

संसद के नए सत्र में ऑस्ट्रेलियाई सरकार महंगाई, आवास संकट और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर केंद्रित रहेगी, जिसका सीधा असर भारतीय समुदाय पर पड़ेगा।

11 अग॰ 2026, 07:37 am
हस्की की प्रेस बिक्री में 9% की गिरावट; लागत नियंत्रण के लिए कंपनी ने कड़े कदम उठाए
ऑस्ट्रेलिया

हस्की की प्रेस बिक्री में 9% की गिरावट; लागत नियंत्रण के लिए कंपनी ने कड़े कदम उठाए

इंजेक्शन मोल्डिंग दिग्गज हस्की ने बिक्री में 9% की गिरावट दर्ज की है। कंपनी अब सुस्त निवेश के दौर से निपटने के लिए लागत कटौती और सुधार योजना पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

11 अग॰ 2026, 06:37 am
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप: 47 की मौत, मलबे में दबे दर्जनों लोग; राहत कार्य जारी
ऑस्ट्रेलिया

कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप: 47 की मौत, मलबे में दबे दर्जनों लोग; राहत कार्य जारी

पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 47 लोगों की जान चली गई है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

11 अग॰ 2026, 04:37 am