ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया आने वाले यात्रियों को अब नहीं भरना होगा कागजी 'अराइवल कार्ड', जल्द शुरू होगी डिजिटल व्यवस्था
ICN24 Newsroom 13 जुल॰ 2026, 12:31 am
ऑस्ट्रेलिया सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पुराने नारंगी रंग के पेपर अराइवल कार्ड को खत्म कर डिजिटल प्रणाली अपनाने जा रही है।
ऑस्ट्रेलियाई सीमाओं पर दशकों से अनिवार्य रहे नारंगी रंग के 'इनकमिंग पैसेंजर कार्ड' (IPC) का युग अब समाप्त होने जा रहा है। संघीय सरकार ने घोषणा की है कि वह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से ऑस्ट्रेलिया पहुंचने वाले यात्रियों के लिए कागजी अराइवल कार्ड की अनिवार्यता को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। इसकी जगह अब एक पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे हवाई अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया अधिक सुचारू होगी।
यह बदलाव विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी उछाल आया है। वर्तमान में, कई भारतीय यात्री—विशेषकर वे बुजुर्ग माता-पिता जो अपने बच्चों से मिलने ऑस्ट्रेलिया आते हैं—विमान में या उतरते समय इन कागजी फॉर्मों को अंग्रेजी में भरने में कठिनाई महसूस करते थे। डिजिटल सिस्टम के आने से यह प्रक्रिया सरल हो जाएगी, जिसे यात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही घर बैठे या अपने स्मार्टफोन के जरिए पूरा कर सकेंगे।
गृह मंत्रालय और ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल (ABF) के अनुसार, इस डिजिटल बदलाव का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय आगमन की प्रक्रिया को आधुनिक बनाना है। नई व्यवस्था के तहत, यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति, सीमा शुल्क (customs) और संगरोध (quarantine) से जुड़ी जानकारियां एक मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से देनी होंगी। यह डेटा सीधे सीमा सुरक्षा अधिकारियों के सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे यात्री के विमान से उतरते ही उनकी पहचान और घोषणाओं का सत्यापन तेजी से हो सकेगा।
आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिक ऑस्ट्रेलिया में आने वाले सबसे बड़े प्रवासी समूहों में से एक हैं। पर्यटन और शिक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में लोग भारत से यहां आते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर अक्सर कागजी फॉर्मों की वजह से देरी होती है, क्योंकि कई बार यात्री फॉर्म में गलती कर देते हैं या उनके पास पेन नहीं होता। नई डिजिटल व्यवस्था न केवल इस परेशानी को दूर करेगी, बल्कि कागज की बर्बादी को भी रोकेगी, जो ऑस्ट्रेलिया के पर्यावरण संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप है।
हालांकि सरकार ने इस बदलाव के लिए अभी कोई निश्चित अंतिम तारीख तय नहीं की है, लेकिन चुनिंदा हवाई अड्डों पर इसका परीक्षण (ट्रायल) शुरू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह प्रणाली पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती, तब तक कागजी कार्ड का विकल्प भी उपलब्ध रह सकता है ताकि तकनीकी रूप से कम दक्ष यात्रियों को कोई परेशानी न हो। ऑस्ट्रेलिया का यह कदम सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसे देशों की तर्ज पर है, जो पहले ही डिजिटल अराइवल डिक्लेरेशन को अपना चुके हैं।
संबंधित ख़बरें
ऑस्ट्रेलिया
विरासत में मिला घर: वरदान या बोझ? ऑस्ट्रेलिया में संपत्ति उत्तराधिकार की छिपी चुनौतियां
ऑस्ट्रेलिया में पुश्तैनी घर विरासत में मिलना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। भारी टैक्स, रखरखाव और भावनात्मक बोझ कई परिवारों के लिए इसे एक मुसीबत बना रहे हैं।
13 जुल॰ 2026, 02:31 am

ऑस्ट्रेलिया
विक्टोरिया: 'ग्रीन वेज' क्षेत्रों में पूजा स्थलों के निर्माण पर यथास्थिति बरकरार रखेगी लिबरल पार्टी
विक्टोरियाई विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे 'ग्रीन वेज' क्षेत्रों में पूजा स्थलों के निर्माण संबंधी वर्तमान नियमों में कोई बदलाव नहीं करेंगे, जो भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है।
13 जुल॰ 2026, 01:31 am

ऑस्ट्रेलिया
'फार्मर वांट्स ए वाइफ' की प्रतियोगी लोगन का बड़ा खुलासा: एक नहीं, दो किसानों के लिए दी थी अर्जी
लोकप्रिय रियलिटी शो की प्रतियोगी लोगन फर्थ ने खुलासा किया है कि उन्होंने शो के दौरान दो अलग-अलग किसानों के साथ जुड़ने में रुचि दिखाई थी।
12 जुल॰ 2026, 11:31 pm
