लाइव
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया

ओबेरमरगाउ पैशन प्ले 2030: वक्त के पन्नों में वापसी और सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत रूप

ICN24 Newsroom 5 अग॰ 2026, 12:38 pm
ओबेरमरगाउ पैशन प्ले 2030: वक्त के पन्नों में वापसी और सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत रूप

जर्मनी के ओबेरमरगाउ में हर 10 साल में होने वाला विश्व प्रसिद्ध 'पैशन प्ले' 2030 में फिर से लौटने वाला है, जो लगभग 400 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए है।

बदलती दुनिया में जहाँ आधुनिकता हर चीज़ को तेज़ी से पीछे छोड़ रही है, वहीं जर्मनी के एक छोटे से गाँव में एक ऐसी परंपरा जीवित है जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है। बवेरियन आल्प्स के ओबेरमरगाउ (Oberammergau) गाँव में हर 10 साल में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध 'पैशन प्ले' 2030 के वसंत और ग्रीष्म ऋतु में अपनी वापसी के लिए तैयार है। लगभग 400 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मानव संकल्प और सामुदायिक एकजुटता की एक अनूठी मिसाल भी पेश करती है। इस नाटक का इतिहास साल 1633 से जुड़ा है, जब यूरोप 'थर्टी इयर्स वॉर' और ब्लैक डेथ (प्लेग) की विभीषिका झेल रहा था। ओबेरमरगाउ के निवासियों ने ईश्वर से प्रार्थना की थी कि यदि उनका गाँव इस महामारी से बच जाता है, तो वे हर दस साल में ईसा मसीह के जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान का मंचन करेंगे। मान्यता है कि इस मन्नत के बाद गाँव में प्लेग से कोई मृत्यु नहीं हुई, और 1634 में पहला 'पैशन प्ले' खेला गया। तब से लेकर आज तक, कुछ अपवादों को छोड़कर, यह सिलसिला हर दशक में जारी है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ईसाई समुदाय, विशेष रूप से केरल के मलयाली और गोवा व मैंगलोर के कैथोलिक परिवारों के बीच धार्मिक पर्यटन का काफी चलन है। कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवार अपनी यूरोप यात्रा की योजना इस प्रकार बनाते हैं कि वे इस ऐतिहासिक मंचन का हिस्सा बन सकें। ऑस्ट्रेलिया के ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, ओबेरमरगाउ पैशन प्ले के लिए बुकिंग सालों पहले शुरू हो जाती है, क्योंकि यह अनुभव केवल एक नाटक नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक तीर्थयात्रा के समान है। इस नाटक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हिस्सा लेने वाले सभी 2,000 से अधिक कलाकार और कर्मचारी ओबेरमरगाउ गाँव के ही निवासी होते हैं। नियम इतने कड़े हैं कि केवल वही व्यक्ति इसमें अभिनय कर सकता है जो या तो वहां पैदा हुआ हो या कम से कम 20 वर्षों से वहां रह रहा हो। नाटक की तैयारी कई साल पहले शुरू हो जाती है, जहाँ पुरुष कलाकार पारंपरिक रूप से अपने बाल और दाढ़ी बढ़ाना शुरू कर देते हैं ताकि मंच पर वे ऐतिहासिक पात्रों जैसे दिख सकें। यह स्थानीय समुदाय के लिए समर्पण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक ज़रिया है। पिछला आयोजन 2020 में होना था, लेकिन वैश्विक महामारी के कारण इसे 2022 तक टालना पड़ा था। अब 2030 की तैयारी के लिए उत्साह अभी से देखा जा रहा है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए, जो अक्सर अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक जीवन के बीच संतुलन की तलाश में रहते हैं, यह नाटक एक अनुस्मारक है कि कैसे परंपराएं पीढ़ियों को आपस में जोड़कर रख सकती हैं। यदि आप भी इतिहास और आस्था के इस संगम को करीब से देखना चाहते हैं, तो 2030 की इस यात्रा की योजना अभी से बनाना एक समझदारी भरा निर्णय होगा।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

ब्रिस्बेन: घर में चोरी के लिए छोटे बच्चों का इस्तेमाल, छठी बार शिकार हुए मकान मालिक ने जताई चिंता
ऑस्ट्रेलिया

ब्रिस्बेन: घर में चोरी के लिए छोटे बच्चों का इस्तेमाल, छठी बार शिकार हुए मकान मालिक ने जताई चिंता

ब्रिस्बेन में एक मकान मालिक ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर आरोप लगाया है कि उनके घर में चोरी करने के लिए छोटे बच्चों का सहारा लिया गया। यह घर पिछले कुछ समय में छठी बार निशाना बना है।

5 अग॰ 2026, 01:37 pm
सिर्फ 5 डॉलर की कॉफी और 1000 डॉलर की टिप: ऑस्ट्रेलिया में ग्राहक की दरियादिली ने सबको चौंकाया
ऑस्ट्रेलिया

सिर्फ 5 डॉलर की कॉफी और 1000 डॉलर की टिप: ऑस्ट्रेलिया में ग्राहक की दरियादिली ने सबको चौंकाया

ऑस्ट्रेलिया में एक ग्राहक ने अपनी 5 डॉलर की कॉफी के लिए 1000 डॉलर की टिप देकर सबको हैरान कर दिया। इस दरियादिली ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

5 अग॰ 2026, 12:37 pm
आर्कटिक वुल्फ ने साइबर रेजिलिएंस और एआई-संचालित सुरक्षा उपकरणों का किया विस्तार
ऑस्ट्रेलिया

आर्कटिक वुल्फ ने साइबर रेजिलिएंस और एआई-संचालित सुरक्षा उपकरणों का किया विस्तार

आर्कटिक वुल्फ ने नए एआई-आधारित एसओसी और साइबर रेजिलिएंस सेवाओं की घोषणा की है, जो ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों के लिए सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।

5 अग॰ 2026, 11:38 am