इमिकास्ट
फीफा वर्ल्ड कप 2026: वीजा प्रतिबंधों के चलते ईरान की फुटबॉल टीम मेक्सिको में डेरा डालने को मजबूर, अमेरिका की कड़ी निंदा
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 05:00 pm

ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को 2026 विश्व कप की तैयारी के लिए मेक्सिको के सीमावर्ती शहर तिजुआना में रुकना पड़ा है। ईरान ने अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों को राजनीतिक खेल बताया है।
2026 फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन से पहले खेल और राजनीति के बीच का तनाव गहरा गया है। ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम रविवार को मेक्सिको के सीमावर्ती शहर तिजुआना पहुंची, जिसने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा प्रतिबंधों के कारण एक बड़े भू-राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। टीम को अपनी तैयारियों के लिए अमेरिकी सीमा के ठीक बगल में स्थित इस मेक्सिकन शहर में डेरा डालना पड़ा है, क्योंकि खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को अमेरिका में प्रवेश के लिए आवश्यक वीजा नहीं मिल सका।
ईरान के खेल अधिकारियों ने इस स्थिति की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'अन्यायपूर्ण' और 'खेल की भावना के विरुद्ध' बताया है। तेहरान का आरोप है कि वाशिंगटन जानबूझकर खेल आयोजनों में बाधा डालने के लिए वीजा नियमों का इस्तेमाल एक राजनीतिक हथियार के रूप में कर रहा है। फीफा के नियमों के अनुसार, मेजबान देशों को सभी क्वालीफाइंग टीमों और उनके सदस्यों के लिए सुचारू प्रवेश सुनिश्चित करना होता है, लेकिन मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों ने स्थिति को जटिल बना दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रुचि रखती है, क्योंकि खेल और आप्रवासन (इमिग्रेशन) के बीच का यह संघर्ष अक्सर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान देखने को मिलता है। ऑस्ट्रेलिया, जो स्वयं एक खेल-प्रेमी राष्ट्र है और जहां भारतीय मूल के हजारों लोग फुटबॉल और क्रिकेट के बड़े प्रशंसक हैं, वहां अक्सर ऐसे वीजा मुद्दों पर चर्चा होती रहती है। सिडनी और मेलबर्न में स्थित खेल विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह के प्रतिबंध जारी रहते हैं, तो यह विश्व कप की अखंडता और वैश्विक भाईचारे के संदेश को नुकसान पहुंचा सकता है।
मेक्सिको के तिजुआना में टीम की मौजूदगी न केवल एक प्रशिक्षण शिविर है, बल्कि यह एक कूटनीतिक संदेश भी है। ईरान की फुटबॉल महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को फीफा के उच्च स्तर पर उठाएंगे। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को राजनीति का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए, खासकर तब जब वे दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हों।
फिलहाल, ईरानी टीम मेक्सिको की सुविधाओं में अभ्यास जारी रखेगी, लेकिन उनकी नजरें अभी भी अमेरिकी अधिकारियों की ओर से मिलने वाली किसी राहत पर टिकी हैं। यह घटनाक्रम आगामी महीनों में अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाले इस मेगा-इवेंट के लिए एक चुनौतीपूर्ण मिसाल पेश कर सकता है।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।
20 जून 2026, 12:23 pm

इमिग्रेशन
ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध
ईरानी फुटबॉल महासंघ ने 2026 विश्व कप के दौरान अमेरिका की वीजा पाबंदियों के खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की है। कोच ने टीम को 'सबसे उत्पीड़ित' बताया।
20 जून 2026, 12:09 pm

इमिग्रेशन
कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी
भारत सरकार ने 20 जून से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख ला को अस्थायी आव्रजन चौकियों के रूप में अधिसूचित किया है।
20 जून 2026, 11:52 am

