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'जब महिलाएं मेरी ओर आकर्षित होती हैं, तो वह मेरे लिए सबसे बड़ा कॉम्प्लिमेंट है': दीपिका पादुकोण

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 08:56 pm
'जब महिलाएं मेरी ओर आकर्षित होती हैं, तो वह मेरे लिए सबसे बड़ा कॉम्प्लिमेंट है': दीपिका पादुकोण

फिल्म 'कॉकटेल' की सफलता के बाद दीपिका पादुकोण ने साझा किया था कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं से मिलने वाली तारीफ उनके लिए अधिक मायने रखती है।

भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक, दीपिका पादुकोण ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। हालांकि, साल 2012 में आई फिल्म 'कॉकटेल' उनकी पेशेवर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने 'वेरोनिका' का किरदार निभाया था, जो एक स्वतंत्र, आधुनिक और बेबाक महिला थी। इस भूमिका ने न केवल उनके अभिनय कौशल को नई पहचान दी, बल्कि उनके व्यक्तित्व के प्रति लोगों के नजरिए को भी बदल दिया। एक पुराने साक्षात्कार में, दीपिका ने अपनी सुंदरता और अपील पर बात करते हुए एक दिलचस्प खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि हालांकि उन्हें पुरुषों से बहुत प्रशंसा मिलती है, लेकिन जब कोई महिला उनकी ओर आकर्षित होती है या उनकी तारीफ करती है, तो वह उनके लिए कहीं अधिक बड़ा कॉम्पलिमेंट होता है। दीपिका के अनुसार, महिलाओं द्वारा दी गई सराहना अधिक ईमानदार और गहराई से भरी होती है क्योंकि वे बारीकियों को समझती हैं। 'कॉकटेल' में वेरोनिका का किरदार उस समय के पारंपरिक बॉलीवुड नायिकाओं से काफी अलग था। वह एक ऐसी महिला थी जो अपनी शर्तों पर जीती थी और अपनी गलतियों को स्वीकार करने से नहीं डरती थी। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी इस फिल्म को काफी सराहा गया था, क्योंकि यह आधुनिक रिश्तों और दोस्ती की जटिलताओं को दर्शाता था। दीपिका ने बताया था कि वेरोनिका के किरदार ने उन्हें खुद के भीतर छिपे आत्मविश्वास को पहचानने में मदद की। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए दीपिका पादुकोण केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक स्टाइल आइकन और मानसिक स्वास्थ्य की मुखर समर्थक भी हैं। उनका यह कहना कि महिलाओं से मिलने वाली तारीफ उनके लिए 'अल्टीमेट वैलिडेशन' है, आज के दौर की महिला सशक्तिकरण की भावना को दर्शाता है। यह बयान यह भी स्पष्ट करता है कि वह केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि महिलाओं के बीच एक प्रेरणा के रूप में पहचान बनाना चाहती हैं। दीपिका की इस बेबाकी ने हमेशा उनके प्रशंसकों को प्रभावित किया है। 'कॉकटेल' के बाद उन्होंने 'पिकू', 'पद्मावत' और 'छपाक' जैसी फिल्मों के जरिए अपनी वर्सटाइल इमेज को और मजबूत किया। आज जब वे वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, तो उनके पुराने बयान और अनुभव यह याद दिलाते हैं कि उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए कितनी मेहनत की है।
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